ऋतिक-कंगना की तरह ये भी जा चुके हैं अदालत

- Author, मधु पाल
- पदनाम, मुंबई से बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
बॉलीवुड के दो बड़े सितारों कंगना रनौत और ऋतिक रोशन के बीच का विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है.
उनके अफ़ेयर की ख़बरों को लेकर दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं.
कंगना के वकील रिज़वान सिद्दीकी ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि ऋतिक जो बयान दे रहे हैं वो महज सहानुभूति पाने का तरीका हैं.

रिज़वान सिद्दीकी ने बीबीसी को बताया, "कंगना ने कहीं भी उनका नाम नहीं लिया था. ये तो खुद ऋतिक ही थे जिन्होंने ऐसे ट्वीट कर दिए जिसने मीडिया को अनुमान लगाने पर विवश कर दिया. अगर ऋतिक कंगना को अच्छे से नहीं जानते थे तो उनके बर्थडे पार्टी पर अपने पूरे परिवार के साथ कैसे आ सकते थे? इतना ही नहीं, कंगना की बहन और पिता के भी बर्थडे पार्टी में वो कैसे गए थे?."

बकौल सिद्दीकी, "ऋतिक ने ये भी कहा कि कंगना उन्हें हर दिन ईमेल भेजा करती थी. उनके पास 24 मई 2014 से 16 फरवरी 2016 तक 1,439 ईमेल आए. अगर कंगना उन्हें इतना ही परेशान कर रही थी तो उन्हें क़ानूनी नोटिस भेजने में सात महीने क्यों लग गए?"
ऋतिक रोशन की टीम ने इसका जवाब दिया है. उनकी ओर से भेजे गए बयान में कहा गया है, "व्यक्तिगत बातें जब लोगों के बीच पहुंचती हैं तो अनुमान और विवाद खड़े हो जाते हैं. इसलिए मैं क़ानून का सहारा ले रहा हूं. जो कुछ भी हो रहा हैं वो ईमेल आईडी [email protected] की वजह से हो रहा है. यह आईडी मेरी नहीं है. मैंने 12 दिसंबर, 2014 को साइबर क्राइम ब्रांच में अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी."

लेकिन प्यार के चर्चे में अभिनेता या अभिनेत्री अदालत गए हों, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है.
जाने माने पत्रकार जयप्रकाश चौकसे ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा, "ऋतिक और कंगना की तरह ऐसे कई बॉलीवुड सितारे हैं, जिनके रिश्ते आए दिन जुड़ते और टूटते हैं. लेकिन दर्शको के बीच अपनी लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए वे अपने मामले आपस में ही निपटा लिया करते थे."
कई साल पहले दिलीप कुमार और मधुबाला को भी अदालत जाना पड़ा था.

इमेज स्रोत, Madhur Bhushan
उनके बीच के रिश्ते इस कदर बिगड़े थे कि मधुबाला को बीआर चोपड़ा की फ़िल्म 'नया दौर' कथित तौर पर दिलीप कुमार की वजह से छोड़नी पड़ी थी.
इससे नाराज़ बीआर चोपड़ा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. उसके बाद दोनों एक दूसरे से हमेशा के लिए अलग हो गए थे.
जयप्रकाश चौकसे के मुताबिक़, "अमिताभ-रेखा, जीतेंद्र-हेमा मालिनी या देव आनंद-सुरैया के झगड़ों ने भी खूब सुर्खिया बटोरी थीं. लेकिन वे कभी अदालत नहीं गए. ऋतिक और कंगना के झगडे ने अपनी सभी हदें पार कर दीं."
चौकसे कहते हैं, "अगर ऋतिक का वाकई में कोई रिश्ता नहीं था तो उन्हें मीडिया में इस तरह की बयानबाज़ी करने और क़ानूनी नोटिस देने की क्या ज़रूरत थी? ऐसा नहीं है कि कंगना का नाम पहली बार किसी अभिनेता के साथ जुड़ा हो. ऋतिक चाहते तो कंगना की बात को नज़र अंदाज़ भी कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया."
जाने माने फ़िल्म विश्लेषक विनोद मीरानी ने बीबीसी से खास बातचीत में कहा, "कंगना और ऋतिक की इमेज और फ़िल्मों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. फ़िलहाल अभी दोनों की कोई फ़िल्म नहीं आ रही हैं, जिससे उनको कोई नुक़सान हो. जब इनकी फ़िल्में आएगीं तब तक दर्शक सब कुछ भूल चुके होंगे."
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