हाशिए पर दलित राजनीति

प्रकाशित

भारतीय लोकतंत्र का महापर्व यानी आम चुनाव अब होने ही वाले हैं.

भारत में 2011 की जनगणना के मुताबिक़ दलितों की संख्या 20.14 करोड़ है. यानी जनसंख्या के मामले में वो दुनिया के सिर्फ़ पांच देशों से पीछे हैं.

फिर भी उनके मुद्दे सियासी चर्चा और चुनावी वादों में ज़्यादा नहीं दिख रहे हैं.

चुनावों में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है. लेकिन इसके बावजूद उनके जीवन में अभी तक कोई ऐसा बदलाव क्यों नहीं आया जो सबको नज़र आए.

बीबीसी इंडिया बोल में शनिवार, 29 मार्च को चर्चा होगी इसी विषय पर.

चुनाव और दलित राजनीति

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हमें इन मुफ़्त नंबरों पर फ़ोन करें – 1800-11-7000 और 1800-102-7001.

आप हमें अपने टेलीफ़ोन नंबर [email protected] पर भी भेज सकते हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>