कूटनीति कम राजनीति ज़्यादा?

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अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को बुलाकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया में जितनी सराहना पाई, अब पाकिस्तान से बातचीत रद्द करने का उनका फ़ैसला उतना ही हैरान करने वाला रहा.
नवाज़ शरीफ जब भारत आए तो उन्होंने न तो कश्मीर का मुद्दा उठाया था और न ही वह किसी हुर्रियत नेता से मिले थे. इससे बातचीत के लिए ज़मीन तैयार हुई.
लेकिन हुर्रियत नेताओं के साथ पाकिस्तान के उच्चायुक्त की मुलाक़ात के बाद भारत ने कड़ा रुख़ अपनाया और विदेश सचिव स्तर की वार्ता से मना कर दिया.
भारत के ताज़ा फैसले से बातचीत के दरवाज़े बंद होते दिख रहे हैं. वो भी ऐसे समय में जब घरेलू मोर्चे पर नवाज़ शरीफ़ मुश्किलों में घिरे हैं.
भारत के इस फ़ैसले के कारण क्या हैं?
क्या नरेंद्र मोदी की विदेश नीति में कूटनीति कम राजनीति ज़्यादा है? इस शनिवार 23 अगस्त को इंडिया बोल में चर्चा होगी इसी विषय पर.
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इस शनिवार 23 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे मुफ़्त फ़ोन कीजिए 1800 102 7001 और 1800 11 7000 पर.
(आप हमें [email protected] पर अपने नंबर भी भेज सकते हैं.)


























