मैगी मामला: 640 करोड़ रुपये हर्जाने का दावा

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मैगी में लीड की अधिक मात्रा पाए जाने के विवाद में फंसी नेस्ले इंडिया के ख़िलाफ़ भारत सरकार ने 640 करोड़ रूपए जुर्माना का दावा किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सरकार ने इस संबंध में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग में शिकायत दर्ज कराई है.
मंत्रालय क़रीब तीन दशक पुराने उपभोक्ता संरक्षण कानून में एक प्रावधान का पहली बार इस्तेमाल कर रहा है. इस दौरान कंपनी पर वित्तीय जुर्माना लगाने के साथ दूसरी कार्रवाई की मांग भी की जाएगी.
यह शिकायत ''भारतीय उपभोक्ताओं'' की ओर से दाख़िल हुई है.
कैसे शुरू हुआ मामला
इसमें कंपनी द्वारा अनुचित व्यापार और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के लिए हर्जाने की मांग है.
पिछले साल उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में लिए गए 'मैगी नूडल्स' के नमूने में सीसे की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाए जाने के बाद इस साल मई-जून में देश के कई राज्यों में इसके नमूनों का परीक्षण किया गया था.
बड़ी संख्या में नमूनों में सीसे की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई, जिसके बाद 5 जून को भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देशभर में मैगी के उत्पादन, भंडारण, विपणन एवं बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था जो अभी भी जारी है.
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