मैगी पर प्रतिबंध हटा, अभी बिक्री नहीं

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ मैगी से प्रतिबंध हटा दिया है.

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नेस्ले इंडिया की मैगी के हर वेरिएंट के हर एक बैच के नमूने की जाँच की जाए.

कोर्ट ने कहा है कि जाँच में सही पाए जाने पर मैगी का उत्पादन और बिक्री हो सकेगी.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मैगी के हरेक वेरिएंट के पाँच-पाँच नमूनों की एनएबीएल में जाँच होगी.

इस रिपोर्ट को फूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) को भेजा जाएगा.

जाँच के बाद अगर नमूने सही पाए गए तो नेस्ले इंडिया मैगी का उत्पादन और बिक्री कर सकेगी.

कोर्ट ने कहा है कि जाँच में लेड की मात्रा स्वीकृत स्तर के भीतर पाए जाने पर ही मैगी बिक सकेगी.

कोर्ट से मिली इस राहत का असर नेस्ले इंडिया के शेयर पर भी दिखा और खबर के बाद शेयर में पाँच प्रतिशत तक का उछाल आ गया.

जून में लगी थी रोक

एफ़एसएसएआई ने 5 जून को देश भर में मैगी के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर रोक लगाने के आदेश दिए थे.

प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाईएस मलिक ने एक आदेश जारी कर कहा था कि मैगी के 9 स्वीकृत वेरिएंट बेहद ख़तरनाक हैं.

एफएसएसएआई ने ये भी कहा था कि स्वाद बढ़ाने वाले एमएसजी को लेकर भी नेस्ले ने नियमों का उल्लंघन किया था और कंपनी को आदेश दिया था कि वो अनुपालना रिपोर्ट जमा करें.

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