चपरासी के लिए पीएचडी वाले भी क़तार में

भारतीय लोग
    • Author, अतुल चंद्रा
    • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

पीएचडी कर चुके लखनऊ के आलोक चौरसिया साल भर से बेकार हैं और नौकरी की तलाश में हैं.

चौरसिया ने राज्य सरकार में आई चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन दिया है और कहते हैं जब नौकरी है ही नहीं तो 'चपरासी की नौकरी करने में भी कोई बुराई नहीं है.'

बरेली के सचिन कुमार ने 2014 में लखनऊ के एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से इलक्ट्रॉनिक्स में बीटेक करने के बाद से बेरोज़गार हैं.

वो कहते हैं, "मैं कम्पटीशन की तैयारी तो कर ही रहा हूँ, लेकिन सचिवालय सेवा का पार्ट होना अपने आप में बड़ी बात है."

सचिन ने सीबीएसई बोर्ड से दसवीं कक्षा में 79 प्रतिशत और कक्षा 12 में 72 प्रतिशत अंक हासिल किए थे.

गोरखपुर के विवेक कुमार भी इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नातक हैं और दिल्ली की एक कंपनी में 8,000 रुपये प्रतिमाह की तनख्वाह पर नौकरी करते थे.

उनके मुताबिक़, "दिल्ली में काफी मुश्किल हो रही थी इसलिए हम नौकरी छोड़ कर चले आए. अब पैसों की ज़रूरत है इसलिए इस नौकरी के लिए कोशिश कर रहे हैं."

चपरासी की भर्ती

उत्तर प्रदेश

लखनऊ स्थित सचिवालय में चपरासियों की कुल 368 पदों के लिए करीब 23 लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किया है. इनमे 255 पीएचडी वालों से लेकर बीटेक डिग्रीवाले भी शामिल हैं. आवेदकों में 84 ट्रांसजेंडर भी हैं.

उत्तर प्रदेश की आबादी लगभग 21.5 करोड़ है. जबकि लखनऊ शहर की आबादी लगभग 28 लाख है. इससे बेरोज़गारी की क्या स्थिति है इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

चपरासी की भर्ती के लिए सिर्फ दो शर्ते हैं - अभ्यर्थी पांचवी पास हो और साइकिल चलानी आती हो. दूसरी शर्त महिलाओं और विकलांगों पर लागू नहीं होंगी.

पीएचडी के अलावा इन पदों के लिए 1.52 लाख डिग्री धारी लोगों ने आवेदन किया है, इनमें इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स भी शामिल हैं.

इनके अलावा एमएससी, एमकॉम और एमए तथा बीकॉम पास आवेदकों की भी कमी नहीं है.

इनमें 3,135 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने हाई स्कूल में 85 प्रतिशत से अधिक नंबर हासिल किए थे.

चार साल का समय

ग्रेजुएट

सचिव सचिवालय प्रशासन प्रभात मित्तल ने बताया, "आवेदनों की संख्या देख कर मेरे तो होश उड़ गए."

मित्तल के मुताबिक़, सिर्फ इंटरव्यू के आधार पर होने वाले चयन में चार साल का समय लग सकता है.

उन्होंने बताया, "आवेदनों की जांच के बाद पता चला कि आवेदन करने वालों में सिर्फ 53,426 लोग ही 5वीं पास हैं जबकि 7.50 लाख अभ्यर्थी 12वीं पास हैं

प्रभात मित्तल ने ये भी कहा कि अभी डेटा पूरी तरह से विश्लेषण नहीं हुआ है, "सही तस्वीर सोमवार को ही मिल पाएगी."

अगस्त में इन पोस्टों के लिए विज्ञापन निकला था और ऑनलाइन अप्लाई करने की व्यवस्था थी. इन पदों के लिए न्यूनतम मासिक तनख़्वाह 16,000 होगी.

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