रिलीज़ से पहले लीक हुआ 'कबाली' का वीडियो

    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बैंगलुरु से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

रजनीकांत की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म कबाली शुक्रवार को हज़ारों सिनेमाघरों में रिलीज़ होनेवाली है. लेकिन उससे पहले ही फिल्म का दो मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया है. सबसे हैरानी की बात ये है कि वीडियो के ऊपर लिखा सब टाइटल अरबी भाषा में है.

रजनीकांत की फिल्मों के संवाद सब टाइटल के रूप में हिंदी और तेलुगु जैसी भारतीय भाषाओं के साथ-साथ अंग्रेजी, जापानी, मलय और चीनी जैसी भाषाओं में भी दिए जाते हैं.

रजनीकांत अपनी फिल्मों में जिस तरह की भूमिकाएं करते हैं उसके आधार पर यही कहा जाता है कि उनका मुकाबला मुश्किल है.

फिल्म का वीडियो लीक होने की घटना मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद आई है जिसमें पायरेसी वेबसाइट्स पर फिल्म या उसका कोई हिस्सा दिखाने पर रोक लगाई गई थी.

चेन्नई के क्यूब सिनेमा नेटवर्क में वीडियो की फ़ोरेंसिक जांच हो रही है. इसका मकसद है कि पता लगाया जाए कि वो कहां से लीक हुई. इस कंपनी ने कबाली की डिजिटल सिनेमा पैकेजिंक की है.

रजनीकांत की फिल्म लिंगा 2014 में रिलीज़ हुई थी.
इमेज कैप्शन, रजनीकांत की फिल्म लिंगा 2014 में रिलीज़ हुई थी.

क्यूब सिनेमा नेटवर्क के सह संस्थापक सेंथिल कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "ये निश्चित तौर पर कबाली फिल्म के विजुअल हैं जिनका सब टाइटल अरबी भाषा में है. जहां से इसे कॉपी किया जा सकता था उन जगहों की संख्या बहुत कम है. हम कई तरीकों से जांच कर रहे हैं, फोरेंसिक विश्लेषण भी कर रहे हैं जिससे पता लगाया जा सके कि ये कहां से आया."

विजुअल देख कर पता चलता है इसे एक ऐसे मोबाइल फोन से कॉपी किया गया है जिसे लंबवत रखा गया था.

सेंथिल कुमार ने बताया, "सिनेमा के दृश्य और साउंड पर कई जगह अदृश्य डिजिटल मार्क लगाए गए हैं और दस मिनट या उससे ज्यादा का फुटेज देखकर उनका पता लगाया जा सकता है. हम पता लगा सकते हैं कि किस मशीन पर उसे चलया गया और किस तारीख़ और समय उसकी रिकॉर्डिंग की गई. "

लेकिन फोरेंसिक विश्लेषण की सीमा ये है कि लीक हुए क्लिप की अवधि केवल दो मिनट की है.

कुमार बताते हैं कि अगर फोरेंसिक जांच से पता नहीं चला तो दूसरे तरीके भी अपनाए जाएंगे.

उन्होंने कहा, "कुछ नियामक अधिकारियों को दिखाने के लिए फिल्म की जहां-जहां स्क्रीनिंग की गई थी वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे. उन थिएटरों के सीसीटीवी फुटेज से कुछ जानकारी मिल सकती है."

एक बार ये पता लगने पर कि फिल्म कहां लीक हुई, कंपनी इस बात पर विचार करेगी कि क्या कानूनी क़दम उठाया जाए. हालांकि ये इस बात पर भी निर्भर करेगा कि फुटेज किस देश में लीक हुआ और वहां के स्थानीय क़ानून क्या हैं.

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