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#70yearsofpartition: नवाज़ शरीफ़ का पुश्तैनी घर, जहां अब है गुरूद्वारा
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विभाजन के 70 साल बाद भी भारतीय पंजाब का गांव शरीफ़ परिवार के लिए प्रार्थना करता है. नवाज़ शरीफ़ के परिवार का पैतृक गांव है जाति उमरा जिसका एकमात्र गुरुद्वारा अब उनके पुश्तैनी मकान में है.
गांव के सरपंच दिलबाग सिंह के घर की एक दीवार पर शाहबाज़ शरीफ़ की एक तस्वीर टंगी हुई है.
दिलबाग सिंह कहते हैं कि उनके पिता और मियां मोहम्मद शरीफ़ दोस्त थे.