40 साल बाद चोरों से छूटे भीम, दुर्योधन और बलराम

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कंबोडिया के एक हिंदू मंदिर से चोरी हुई भीम, दुर्योधन और बलराम की मूर्तियां 40 साल के बाद अपने घर लौटी हैं.

महाभारत, कंबोडिया, हिंदू , दुर्योधन, भीम और बलराम
इमेज कैप्शन, महाभारत के तीन किरदारों दुर्योधन, भीम और बलराम की मूर्तियां 40 साल बाद वापस अपने घर कंबोडिया लौटी हैं. तस्वीर में भीम का स्वागत पारंपरिक माला पहनाकर किया गया.
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इमेज कैप्शन, ये मूर्तियां लगभग 40 साल पहले कंबोडिया में गृहयुद्ध के दौरान सीएम रीप प्रांत के कोह केर मंदिर से चोरी हो गई थीं.
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इमेज कैप्शन, तस्करों और संग्रहकर्ताओं के हाथों से गुजरते हुए ये मूर्तियां विदेश के विभिन्न संग्रहालयों पहुंची जहां से आख़िरकार इनकी घर वापसी संभव हुई. तस्वीर में भीम और दुर्योधन एकदूसरे के आमने-सामने हैं.
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इमेज कैप्शन, शांत मुद्रा में बैठे मिथकीय चरित्र कृष्ण के बड़े भाई बलराम का पारंपरिक माला से स्वागत करती एक महिला.
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इमेज कैप्शन, साल 1972 में दुर्योधन की पांच फ़ीट की यह लंबी मूर्ति चोरी हो गई थी. बाद में 1975 में इसे लंदन में एक नीलामी में बेच दिया गया था.
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इमेज कैप्शन, वापस आईं इन मूर्तियों के स्वागत में राजधानी नोम पेन्ह में एक समारोह आयोजित किया गया जहां लोगों ने इन्हें देखा.
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इमेज कैप्शन, बलराम, भीम और दुर्योधन के स्वागत समारोह में पारंपरिक अप्सरा नृत्य पेश करती नृत्यांगनाएं.
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इमेज कैप्शन, भीम की मूर्ति को 1976 में कैलिफ़ोर्निया के एक संग्रहालय ने ख़रीदा था. महीनों तक चली बातचीत के बाद संग्रहालय कंबोडिया को ये मूर्ति 'उपहार' में देने को तैयार हो गया.