ख़ालिदा ज़िया को ज़मानत मिली

ख़ालिदा ज़िया
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बांग्लादेश में विपक्ष की नेता ख़ालिदा ज़िया को एक भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने ज़मानत दे दी है. ख़ालिया ज़िया तीन महीने में पहली बार अपनी पार्टी मुख्यालय से बाहर निकलकर अदालत गई थीं.

बांग्लादेश नेशनल पार्टी की नेता ख़ालिदा ज़िया पर चैरिटेबल फंड्स में घोटाले के आरोप हैं. उनके समर्थकों का कहना है कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

ख़ालिदा ज़िया को ज़मानत मिलने को उनके और मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच तनाव कम करने के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है.

चुनावों में धांधली के आरोप

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इमेज कैप्शन, ख़ालिदा ज़िया पिछले तीन महीनों से अपने दफ़्तर में ही रह रही थीं.

अदालत में सुनवाई के बाद ख़ालिदा ज़िया ने नारे लगाते अपने समर्थकों की ओर हाथ लहराया और फिर अपने घर के लिए रवाना हो गईं.

साल 2001 से 2006 के बीच प्रधानमंत्री के रूप में अंतिम कार्यकाल के दौरान ख़ालिदा ज़िया पर चैरिटेबल फंड्स में घोटाला करने के दो आरोप लगे हैं.

वह हिंसा भड़काने के मामलों का सामना भी कर रही हैं.

ख़ालिदा ज़िया ने पिछले साल हुए चुनावों में धांधली के आरोप लगाते हुए देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व करने का ऐलान किया था.

उनके समर्थकों का कहना है कि इसके बाद उन्हें जनवरी से ज़बरदस्ती अपने दफ़्तर में रहने के लिए मजबूर किया गया.

हालांकि ज़िया के विरोधियों का कहना है कि वह अपनी मर्ज़ी से ही अपने दफ़्तर में रह रहीं थीं.

बांग्लादेश हिंसा

बांग्लादेश में हाल के महीनों में हुई राजनीतिक हिंसा में 120 से अधिक लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और बांग्लादेश के बड़े व्यापारिक सहयोगियों ने सरकार और विपक्ष से तनाव को ख़त्म करने का आह्वान किया है.

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