'मुल्ला की मौत की ख़बर से वार्ता को झटका'

नवाज़ शरीफ़ ने ओबामा से मुलाक़ात की
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि मुल्ला उमर की मौत की ख़बर से अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच वार्ता को झटका लगा है.

वाशिंगटन में मीडिया से बातचीत में शरीफ़ ने ये कहा कि तालिबान से बातचीत अफ़ग़ानिस्तान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी के कहने पर शुरू की गई थी.

उनका कहना था कि दोनों पक्षों के बीच दो दौर की बातचीत हुई. इसके लिए अफ़ग़ान तालिबान को राज़ी किया गया था.

नवाज़ शरीफ़

पाकिस्तान के पर्यटन स्थल मरी में हुई दूसरे दौर की वार्ता का हवाला देते हुए शरीफ़ ने कहा कि इसमें शामिल दोनों पक्ष बहुत ख़ुश थे और उम्मीद की जा रही थी कि वार्ता से नतीजा निकलेगा.

उन्होंने कहा कि तीसरे दौर की वार्ता से दो दिन पहले मुल्ला उमर की मौत की ख़बर सार्वजनिक हुई जबकि उनकी मौत हुए दो साल बीत चुके थे.

शरीफ़ ने कहा कि अब तक हमारी समझ में ये नहीं आया है कि किसी को दो दिन पहले ये ख़बर ब्रेक करने की क्या ज़रूरत थी और इसका क्या मक़सद था.

मुल्ला उमर
इमेज कैप्शन, जुलाई में मुल्ला उमर की मौत का ऐलान किया गया था.

उन्होंने कहा कि मुल्ला उमर की मौत की ख़बर से शांति वार्ता पटरी से उतर गई.

उन्होंने कहा कि यदि वार्ता जारी रहती थी इससे नतीजा निकलने की उम्मीद थी.

नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "ये शांति वार्ता के लिए एक बहुत बड़ा झटका है. इसमें कुछ वक़्त लगेगा. हम बार फिर कोशिश करेंगे."

अफ़ग़ान तालिबान

उन्होंने कहा कि गुरुवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से वार्ता में भी इस बात पर सहमति बनी कि अमरीका, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान तालिबान के साथ वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए समन्वय बढ़ाएंगे.

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