अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग ज़िले में प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज़ प्रोजेक्ट' के ख़िलाफ़ हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई.
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पासीघाट स्थित नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) के एक दफ़्तर में कथित तौर पर आग लगा दी.
ज़िला प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पासीघाट थाने में तोड़फोड़ की और पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी.
दरअसल अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की क्षमता वाले 'सियांग अपर मल्टीपर्पज़ प्रोजेक्ट' का स्थानीय लोग बीते कई दिनों से विरोध कर रहे हैं.
इसी क्रम में शुक्रवार को आदि बाने केबांग यूनाइटेड, सियांग बांध प्रभावित क्षेत्र युवा संघ, सियांग स्वदेशी किसान मंच युवा शाखा और आदि गैलो वेलफ़ेयर सोसाइटी ने ईस्ट सियांग, सियांग और ऊपरी सियांग ज़िलों में 12 घंटे का बंद बुलाया था.
धरना प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी बांध-विरोधी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे.
इस बीच कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प शुरू हो गई है.
पुलिस के एक अधिकारी का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए पत्थरबाज़ी शुरू कर दी जिससे माहौल बिगड़ गया.
ईस्ट सियांग ज़िले के जन संपर्क अधिकारी मिडिंग मोड ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के विरोध में कुछ स्थानीय लोगों ने शांतिपूर्ण धरना देने के लिए ज़िला प्रशासन से अनुमति मांगी थी. प्रदर्शनकारियों को दोपहर 2 बजे तक विरोध करने का समय दिया गया था. लेकिन वो शाम तक डटे रहे और नेशनल हाइवे को ब्लॉक कर दिया. हाइवे पर जब वाहनों का जाम लग गया तो मजिस्ट्रेट ने भीड़ को हटाने का आदेश दिया."
अधिकारी ने कहा,"जब दो बार चेतावनी देने के बाद भी प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे तो हल्के बल के प्रयोग से भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाज़ी की और एनएचपीसी के एक कार्यालय में आग लगा दी."
"प्रदर्शनकारियों ने थाने में भी तोड़-फोड़ की और पुलिस के कुछ वाहनों को फूंक दिया. हालांकि आज स्थिति बिलकुल सामान्य है. प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की है."
जलविद्युत परियोजना पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा था कि एनएचपीसी की ओर से बनाया जाने वाला 11,200 मेगावाट का प्रस्तावित बांध, चीन में सियांग नदी के ऊपरी हिस्से पर बन रहे 60,000 मेगावाट के बांध से पैदा होने वाले ख़तरे का मुकाबला करने में मदद करेगा.
राज्य सरकार ने सियांग नदी के किनारे पारोंग, उगेन्ग और डाइटे-डाइमे इन तीन जगहों को शॉर्टलिस्ट किया है.