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लता मंगेशकर पंच तत्वों में विलीन, छोटे भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर ने दी मुखाग्नि

अब से थोड़ी देर पहले मुंबई के शिवाजी पार्क में लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर की पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and चंदन शर्मा

  1. लता मंगेशकर पंच तत्वों में विलीन, छोटे भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर ने दी मुखाग्नि

    अब से थोड़ी देर पहले मुंबई के शिवाजी पार्क में लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर की पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई.

    मंत्रोच्चार के बीच उनके छोटे और इकलौते भाई ह्दयनाथ मंगेशकर ने उनके शरीर को मुखाग्नि दी. उनके अंतिम सम्मान में तीनों सेनाओं और पुलिस के जवानों ने सलामी दी.

    इस मौक़े पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे. लता जी की तीनों बहनें उषा, आशा और मीना भी वहां मौजूद थीं.

    फ़िल्म जगत के लोगों में एक्टर अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ ख़ान, आमिर ख़ान, रणबीर कपूर, संगीतकार शंकर महादेवन भी वहां उपस्थित थे. साथ ही हज़ारों की संख्या में लता मंगेशकर के प्रशंसक उनके अंतिम दर्शन को पहुंचे थे.

    इससे पहले रविवार की सुबह क़रीब सवा 8 बजे लता मंगेशकर का मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया था. वे 92 साल की थीं.

  2. 6 फ़रवरी हमारे लिए काला दिन, लता मंगेशकर के निधन पर बोलीं हेमा मालिनी

    लता मंगेशकर के निधन पर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने ट्विटर पर एक भावुक कर देने वाला नोट लिखा है.

    हेमा मालिनी ने 6 फ़रवरी को काला दिवस बताया है.

    हेमा मालिनी ने ट्वीट किया, "6 फ़रवरी हमारे लिए काला दिन है. जिस महान गायिका ने हमें गीतों का ख़ज़ाना दिया, वह भारत की कोकिला, लता जी स्वर्ग में अपने पवित्र संगीत को जारी रखने के लिए हम सबको छोड़ गई हैं. यह मेरे लिए निजी क्षति है क्योंकि हम दोनों का एक-दूसरे के लिए लगाव और स्नेह परस्पर था."

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, हेमा मालिनी ने कहा, "लता मंगेशकर वास्तव में बहुत बड़ी कलाकार और हस्ती थीं. मैंने 200 फ़िल्मों में काम किया और मैं बहुत किस्मत वाली हूं कि उनके गाए हिट गानों पर मैंने परफ़ॉर्म किया. उनका जाना बहुत पीड़ादायक है."

  3. इमरान ख़ान ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बीजिंग में की मुलाक़ात

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात की. दोनों नेताओं की यह बैठक बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ पीपल में संपन्न हुई.

    इमरान ख़ान ने चीन को पाकिस्तान का अहम सहयोगी क़रार देने के साथ उसे अपना जबरदस्त समर्थक और 'आयरन ब्रदर' भी बताया.

    इस बैठक में दोनों देशों के बीच के संबंधों की समीक्षा की गई और क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर भी चर्चा की गई. कोरोना के चलते इमरान ख़ान और शी जिनपिंग क़रीब सवा दो साल बाद एक दूसरे से मिल पाए हैं.

    इमरान ख़ान ने 24वें विंटर ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए चीन को बधाई देते हुए चीन के नए चंद्र वर्ष के लिए शुभकामनांए दी हैं.

  4. भारत ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज़ को 6 विकेट से हराया, चहल बने मैन ऑफ़ द मैच

    भारत ने अहमदाबाद में खेले जा रही 3 मैचों की एक दिवसीय क्रिकेट सिरीज़ के पहले मुक़ाबले में वेस्टइंडीज को 6 विकेट से हरा दिया है.

    वेस्टइंडीज़ से जीत के लिए मिले 177 रन के लक्ष्य को भारतीय टीम ने केवल 4 विकेट खोकर 178 रन बना लिए. भारत की ओर से कप्तान रोहित शर्मा ने सबसे अधिक 60 रन बनाए.

    वहीं सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 34 रन, तो इशान किशन ने 28 और दीपक हुड्डा ने नाबाद 26 रन बनाए. पूर्व कप्तान विराट कोहली और ऋषभ पंत ने क्रमश: 8 और 11 रनों का योगदान दिया.

    युजवेंद्र चहल को उनकी शानदार गेंदबाज़ी के लिए ''मैन ऑफ़ द मैच'' दिया गया.

    इससे पहले वेस्टइंडीज़ ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए केवल 176 रन ही बनाए. उसकी पूरी टीम 6 ओवर से अधिक का खेल रहते हुए ही 176 रनों पर आउट हो गई.

    वेस्टइंडीज़ की ओर से सबसे अधिक रन जेसन होल्डर ने बनाए. उन्होंने 57 रनों का योगदान दिया. फ़ैबियन एलियन ने 29 रन बनाए.

    भारत की ओर से सबसे अधिक युजवेंद्र चहल ने 49 रन देकर 4 विकेट लिए तो वाशिंगटन सुंदर ने तीन विकेट लिए.

    बतौर नियमित कप्तान रोहित का पहला वनडे​

    यह मैच अहमदाबाद के नए बने दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया. बाक़ी के दो मैच भी यहीं खेले जाएंगे. वेस्टइंडीज़ टीम 3 वनडे और 3 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने इन दिनों भारत के दौरे पर आई हुई है.

    इस मैच की सबसे बड़ी ख़ासियत रही कि रोहित शर्मा पहली बार वनडे के नियमित कप्तान के तौर पर मैदान पर उतरे. उन्हें दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए ही टीम का कप्तान बनाया गया था, लेकिन चोट के चलते वे ऐसा नहीं कर पाए थे.

    वहीं महान गायिका लता मंगेशकर के निधन का शोक मनाते हुए भारतीय टीम ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर यह मैच खेली.

  5. लता मंगेशकर का बीबीसी के साथ ख़ास इंटरव्यू

    लता मंगेशकर का 6 फरवरी की सुबह निधन हो गया. इसे भारत के संगीत जगत के एक युग का अंत कहा जा सकता है.

    लता मंगेशकर लंबे वक्त से बीमार चल रही थीं.

    साल 2019 में बीबीसी एशियन नेटवर्क ने उसके साथ विस्तार से लंबी बातचीत की थी और उनकी पसंद नापसंद, निजी और सार्वजनिक कई पहलुओं को जानने की कोशिश की थी. पेश है वो पूरी बातचीत.

  6. लता मंगेशकर को पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान ने दी श्रद्धांजलि, बताया दुनिया की महान गायिका

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

    उन्होंने कहा है कि लता मंगेशकर के रूप में दुनिया ने एक महान गायिका को खो दिया.

    इमरान ख़ान ने ट्वीट किया, "लता मंगेशकर के निधन से भारतीय उपमहाद्वीप ने ऐसे महान गायकों में से एक को खो दिया, जिन्हें दुनिया जानती है. उनके गीतों को सुनकर दुनियाभर में इतने सारे लोगों को ख़ूब आनंद मिला है."

    इमरान ख़ान से पहले उनके मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन ने भी लता मंगेशकर के निधन पर दुख जताया था.

    चौधरी फ़वाद हुसैन ने ट्वीट किया, "एक महान गायिका नहीं रहीं. लता मंगेशकर सुरों की रानी थीं जिन्होंने दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया. वह संगीत की बेताज रानी थीं. उनकी आवाज़ आने वाले समय में भी लोगों के दिलों पर राज करती रहेगी."

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 06 फरवरी 2022, सुनिए मोहनलाल शर्मा से

  8. 'वो हमें छोड़कर चली गईं', अमिताभ बच्चन ने लता मंगेशकर के लिए लिखा ब्लॉग

    रविवार को इस दुनिया को अलविदा कह गईं स्वर कोकिला लता मंगेशकर को मेगा स्टार अमिताभ बच्चान ने अपने नए ब्लॉग में श्रद्धांजलि दी है.

    अमिताभ ने अपने ब्लॉग "बच्चन बोल" में लता मंगेशकर के लिए लिखा है, "वो हमें छोड़कर चली गईं. लाखों सदियों की एक आवाज़ हमें छोड़ कर चली गईं. उनकी आवाज़ अब स्वर्ग में गूंजेगी. शांति के लिए प्रार्थना."

    लता मंगेशकर के नाम लिखा अमिताभ बच्चन का ब्लॉग यहां पढ़ा जा सकता है.

    लता मंगेशकर का रविवार सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. इसके बाद अमिताभ बच्चन लता मंगेशकर के अंतिम दर्शन के लिए उनके घर "प्रभुकुंज" भी गए थे. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी बेटी श्वेता बच्चन भी लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं.

  9. "असाधारण प्रतिभा", लता मंगेशकर के निधन पर बोलीं नेपाल की राष्ट्रपति

    नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने गायिका लता मंगेशकर को उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की.

    नेपाल की राष्ट्रपति ने कहा कि नेपाल के कई गानों को अपनी सुरीली आवाज़ दे चुकीं लता मंगेशकर के निधन से वह शोक में हैं.

    बिद्या देवी भंडारी ने ट्वीट किया, "अपनी सुरीली आवाज़ से कई नेपाली गानों को सजाने वाली प्रसिद्ध भारतीय गायिका लता मंगेशकर के निधन से दुखी हूं. असाधारण प्रतिभा की धनी लता मंगेशकर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं."

    लता मंगेशकर का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. उन्हें 8 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद वह कोरोना संक्रमित पाई गई थीं.

    हालाँकि, लता मंगेशकर कोविड-19 से ठीक हो गई थीं लेकिन शनिवार को उनकी सेहत ज़्यादा बिगड़ने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. रविवार सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर लता मंगेशकर ने अंतिम सांसें लीं.

  10. शिवाजी पार्क पहुंचा लता मंगेशकर का पार्थिव शरीर, कुछ देर में अंतिम संस्कार होगा शुरू

    स्वर कोकिला लता मंगेशकर का पार्थिव शरीर मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंच गया है.

    यहां शाम साढ़े 6 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लता मंगेशकर के अंतिम दर्शन के लिए मुंबई पहुंच गए हैं.

    रविवार सुबह लता मंगेशकर का मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. शनिवार रात ही उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी. वह 8 जनवरी से अस्पताल में भर्ती थीं.

    अस्पताल से लता मंगेशकर का पार्थिव शरीर पहले उनके घर "प्रभुकुंज" ले जाया गया था. यहां से राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को शिवाजी पार्क लाया गया.

  11. लता मंगेशकर करिश्मा थीं, उन्हें शब्दों में नहीं बयां कर सकते: गुलज़ार

    गीतकार-लेखक गुलज़ार ने लता मंगेशकर के निधन पर कहा है कि वह एक करिश्मा थीं, जिन्हें कुछ शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. लंबे समय तक अपनी सहयोगी रहीं लता मंगेशकर के निधन से स्तब्ध गुलज़ार ने कहा कि वह इस क्षति को बयां करने के लिए शब्द तलाश रहे हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान गुलज़ार ने कहा, "लता जी अपने आप में एक करिश्मा थीं और ऐसे करिश्मे हमेशा नहीं होते और आज ये करिश्मा मुक़्क़मल हो गया. वह चली गईं. वह करिश्माई आवाज़ के साथ करिश्माई गायिका थीं. उनके लिए शब्द ढूंढना कठिन है. हम उनके बारे में कितना भी कह लें, कम ही होगा. आप उन्हें शब्दों में नहीं समेट सकते."

    लता मंगेशकर और गुलज़ार ने ख़ामोशी, किनारा, लेकिन, रुदाली, मासूम, लिबास, दिल से.., सत्या, हू तू तू और माचिस जैसी कई फ़िल्मों में साथ काम किया.

    लता मंगेशकर का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. उन्हें 8 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद वह कोरोना संक्रमित पाई गई थीं. रविवार सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर लता मंगेशकर ने अंतिम सांसें लीं.

  12. 'उनकी आवाज़ में बसती थी सरस्वती', बंगाल संगीत जगत की लता मंगेशकर को भावभीनी श्रद्धांजलि

    एसडी बर्मन, हेमंत मुखर्जी और सलिल चौधरी जैसे महान कलाकारों संग यादगार काम कर चुकी लंता मंगेशकर को उनके निधन पर बंगाल संगीत जगत ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.

    कुछ लोगों ने संगीत के प्रति मंगेशकर के समर्पण को याद किया तो कुछ ने एक मशहूर गायिका होने के बावजूद उनके विनम्र स्वभाव का ज़िक्र किया.

    संगीतकार सलिल चौधरी की बेटी अंतरा चौधरी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "मेरे पिता अक्सर कहा करते थे, लता जी की आवाज़ में मां सरस्वती जी विराजती हैं. इन दोनों का जुड़ाव भारतीय संगीत जगत में कई बार मील का पत्थर साबित हुआ."

    सलिल चौधरी ने लता मंगेशकर के साथ क़रीब 35 बांग्ला गानों के लिए काम किया, जिनमें से 20 फ़िल्मी गाने थे.

    सलिल चौधरी की क़रीबी रहीं लता के बारे में किस्से याद करते हुए अंतरा कहती हैं, जब वह उनके पिता के साथ मुंबई के स्टूडियो में एक बांग्ला गाने को रिकॉर्ड करने पहुंची तो वह बेहद धीमी आवाज़ में अभ्यास कर रही थीं. आवाज़ इतनी कम थी कि शायद ही कोई सुन पाए लेकिन जब वह रिकॉर्डिंग करने लगीं तो एक ही टेक में पूरा हो गया. यही लता जी का समर्पण और प्रतिभा थी.

    वरिष्ठ शास्त्रीय गायक पंडित अजय चक्रवर्ती ने बताया कि उम्र में कई साल बड़े होने के बावजूद लता मंगेशकर उन्हें "दादा" कहती थीं. वे बताते हैं, "उन्होंने एक बार मुझे कहा कि हम एक मामूली कलाकार हैं और मुझे समझ नहीं आया इसपर क्या कहूं. वह इतनी विनम्र थीं."

    लोकप्रिय गायिका हेमंती शुक्ला ने बताया कि मंगेशकर ज़मीन से जुड़ी थीं और अक्सर किसी भी शो से पहले वो दर्शकों की प्रतिक्रिया को लेकर घबरा जाया करती थीं.

  13. लता मंगेशकर भारत की चेतना का हिस्सा थीं: एआर रहमान

    लता मंगेशकर के निधन पर मशहूर संगीत निर्देशक एआर रहमान ने भी अपनी शोकभरी प्रतिक्रिया दी है.

    एआर रहमान ने कहा है कि वे ख़ुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि उन्होंने लता मंगेशकर के साथ गाया और उनके गाए गानों को रिकॉर्ड किया.

    उन्होंने कहा कि रियाज़ का महत्व और स्टेज परफ़ॉरमेंस से जुड़ी कई सारी चीज़ें उन्होंने लता जी से सीखी है.

    एआर रहमान ने आगे कहा, ''लता जी केवल गायिका या आइकन नहीं थीं बल्कि भारत की चेतना का हिस्सा थीं. वे भारतीयता, हिंदुस्तानी संगीत, उर्दू शायरी और हिंदी कविता का भी हिस्सा थीं. उन्होंने कई भाषाओं में ख़ूब गाया.''

    उन्होंने कहा कि लता जी के जाने के बाद जो सूनापन पैदा हुआ है, वह हम सबके लिए हमेशा बना रहेगा.

    रहमान ने इस बारे में लता जी की तस्वीर के साथ एक ट्वीट भी किया है और लिखा, ''लता मंगेशकर जी को प्यार, आदर और दुआएं.''

    एआर रहमान ने कहा, ''मेरे स्वर्गीय पिता के बिस्तर के पास उनकी एक तस्वीर होती थी और वे उसे देखकर जागते थे और किसी रिकॉर्डिंग के पहले उस तस्वीर को देखकर प्रेरणा पाते थे.''

    एआर रहमान के पिता आरके शेखर तमिल फ़िल्म इंडस्ट्री के जाने माने संगीत निर्देशक थे. लेकिन रहमान जब छोटे थे तब उनका निधन हो गया.

  14. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लता मंगेशकर के निधन पर क्या कहा

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि लता मंगेशकर के निधन से जो ख़ालीपन हुआ है, उसे शब्दों में बताना मुश्किल है. लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में रविवार को निधन हो गया.

    मंगेशकर को "आनंदघन" बताते हुए भागवत ने कहा, "लता दीदी के निधन से न केवल मेरे बल्कि हर भारतीय के मन में जो पीड़ा और ख़ालीपन आया है, उसे शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है."

    उन्होंने आगे कहा, "अंतरराष्ट्रीय कद की गायिका होने के बावज़ूद वह आज भी हर गाने के लिए वैसे ही अभ्यास और तैयारी करती थीं, जैसे वह 13 साल की उम्र में किया करती थीं."

    भागवत ने निजी, परिवारिक, सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी के प्रति लता मंगेशकर की "तपस्या" की सराहना करते हुए भागवत ने कहा कि उनका व्यवहार सुचिता और साधना को दिखाता है और यह सबके लिए उदाहरण है.

    भागवत ने कहा, "ईश्वर हम सबको और मंगेशकर परिवार को ये नुकसान सहने की क्षमता दे. मैं खुद की और आरएसएस की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं."

  15. मुंबई से Live: अंतिम सफर पर भारत रत्न लता मंगेशकर

  16. लता मंगेशकर के निधन पर दो दिनों का राष्ट्रीय शोक, तिरंगा कल तक आधा झुका रहेगा

    सिने जगत की महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर भारत सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक का एलान किया है.

    सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "भारत सरकार आज अत्यंत दुःख के साथ सुश्री लता मंगेशकर के निधन की घोषणा कर रही है. दिवंगत महान गायिका के सम्मान में, भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि आज से पूरे भारत में दो दिन का राजकीय शोक रहेगा."

    सरकार के बयान के मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज 6 फ़रवरी से 7 फ़रवरी तक पूरे भारत में झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक मनोरंजन आयोजन नहीं होगा.

    इसके अलावा सरकार ने लता मंगेशकर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का भी निर्णय लिया है.

  17. 'मेरी आवाज़ ही मेरी पहचान है...' वो गीत जिसे लता मंगेशकर ने बेहद ख़ास कहा था

    वैसे तो लता मंगेशकर ने आठ दशकों के अपनी फ़िल्मी करियर में 36 भारतीय भाषाओं में हज़ारों गीत गाए हैं लेकिन उनमें से कुछ गीत सदा के लिए स्वर कोकिला की पहचान बन गए.

    अक्टूबर, 2021 में उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने गुलज़ार की लिखी नज़्म 'मेरी आवाज़ ही मेरी पहचान है...' को ख़ास तौर पर याद किया था.

    फिल्म 'किनारा' के इस गीत के बारे में लता मंगेशकर ने कहा था कि ये गाना उनकी अपनी संगीत यात्रा को बतलाता है क्योंकि उनके फैंस उन्हें उनकी आवाज़ से ही पहचानते हैं.

    रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई के एक अस्पताल में स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का निधन हो गया.

  18. Live: चुनावी माहौल के बीच आगरा के फतेहपुर सीकरी में मशहूर कव्वाल सलीम हसन चिश्ती के साथ, बीबीसी संवाददाता वात्सल्य राय (कैमरा- शाहनवाज़)

  19. दिलीप कुमार से मिलने के बाद लता मंगेशकर ने मौलाना से क्यों सीखी उर्दू?

    मराठी भाषी गायिका लता मंगेशकर ने कई ऐसे गाने गाए जिनमें उर्दू के शब्दों का भरपूर इस्तेमाल हुआ. इन गानों में उच्चारण की ग़लती न रहे इसके लिए लता ने लंबी मेहनत की. उन्होंने उर्दू कैसे सीखी, इसका जवाब सन् 1947 में मिलता है जब लता मंगेशकर दिलीप कुमार से पहली बार मिली थीं.

    इस दौरान लता मंगेशकर ने अपने उर्दू शब्दों के उच्चारण को लेकर कुछ आशंकाएं दिलीप कुमार से साझा कीं और इसके बाद उन्होंने मौलाना से क्लास लेकर अपने तलफ़्फ़ुज़ को सुधारा.

    रविवार को मुंबई के अस्पताल में लता मंगेशकर का निधन हो गया. दिलीप कुमार की ऑटोबायोग्राफ़ी में उर्दू को लेकर अपने प्रयोगों पर लता मंगेशकर ने बताया है कि पहली मुलाकात में ही दिलीप कुमार ने अनजाने में उन्हें एक तोहफ़ा दे दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लता मंगेशकर ने बताया है कि जाने-माने संगीतकार अनिल बिस्वास ने एक ट्रेन में उन्हें और दिलीप कुमार की मुलाकात करवाई थी.

    सन् 1947 के इस वाकये को याद करते हुए लता मंगेशकर ने बताया है, "अनिल बिस्वास ने दिलीप कुमार से मेरा परिचय यह कहते हुए कराया कि लता है, बहुत अच्छा गाती है."

    इस पर दिलीप कुमार ने पूछा, "अच्छा कहां की हैं?" तब अनिल बिस्वास ने कुमार को पूरा नाम बताया- लता मंगेशकर.

    मंगेशकर ने किताब में कहा है, "युसूफ़ भाई को मेरे मराठी होने के बारे में पता लगने के बाद जो कहा, वह कुछ ऐसा था जो मुझे आज भी पसंद है क्योंकि इसकी वजह से मेरे अंदर अपने उर्दू और हिंदी उच्चारण को सुधारने की इच्छा पैदा हुई. उन्होंने बड़ी साफ़गोई से कहा कि जो गायक उर्दू की जानकारी नहीं रखते, वे इस भाषा से निकले शब्दों का उच्चारण सही से नहीं कर पाते. इससे उन लोगों का मज़ा किरकिरा होता है, जो धुन के साथ ही गाने के शब्दों का भी आनंद लेते हैं."

    लता मंगेशकर ने आगे बताया है कि पहले-पहल तो उन्हें बुरा लगा लेकिन बाद में जब वह घर गईं तो उन्होंने अपने एक दोस्त को फ़ौरन अपने पास बुलाया. यह दोस्त उर्दू भाषा का बहुत अच्छा जानकार था.

    लता मंगेशकर ने बताया है, "मेरे बड़े भाई समान दोस्त शफ़ी इमाम ने मेरे लिए एक उर्दू भाषा के जानकार मौलाना का प्रबंध किया. मैंने उर्दू भाषा सीखना जारी रखा और पाया कि मुझे पहले से कहीं ज़्यादा तारीफ़ मिल रही हैं और पसंद किया जा रहा है."

    दिलीप कुमार के साथ लता मंगेशकर की पहली मुलाकात और फिर उर्दू सीखने का नतीज़ा यह रहा कि उन्हें मुगल-ए-आज़म के "प्यार किया तो डरना क्या" और पाकीज़ा के "मौसम है आशिकाना" जैसे सदाबहार गानों को लता मंगेशकर ने गाया.

  20. लता मंगेशकर को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने पीएम मोदी जाएंगे मुंबई

    स्वर कोकिला के नाम से मशहूर सिंगर लता मंगेशकर को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मुंबई पहुंच रहे हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी है.

    लता मंगेशकर का रविवार सवेरे मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था.

    लता मंगेशकर के निधन पर 6 और 7 फरवरी को सरकारी शोक की घोषणा की गई है.

    राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.