विश्व कप के कुछ बेहतरीन गोल स्कोरर

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अभी तक हुए विश्व कप में कई खिलाड़ियों ने 10 से ज़्यादा गोल किए हैं. इनमें पेले, मूलर और रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी हैं, जिनके नाम विश्व कप के दौरान कई गोल करने का रिकॉर्ड है. आइए आपको मिलवाते हैं ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों से.

एयोसेबियो (1996- 9 गोल)
इमेज कैप्शन, ब्लैक पर्ल और ब्लैक पैंथर के नाम से मशहूर एयोसेबियो ने इंग्लैंड में 1966 में हुए विश्व कप में अपने देश पुर्तगाल की ओर से नौ गोल दाग़े थे. इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें गोल्डन बूट मिला था. इंग्लैंड में एयोसेबियो इतने मशहूर हो गए कि विश्व कप के बाद लंदन के प्रसिद्ध मैडम तुसाद म्यूज़ियम में उनकी मोम की प्रतिमा लगाई गई.
पेले (1958, 1962, 1966, 1970- 12 गोल)
इमेज कैप्शन, एडसन एरैन्टेस डो नसीमेंटो के भारी-भरकम नाम वाले पेले को जब पहली बार उनके स्कूली मित्र ने पेले कहा था, तो उन्होंने उनकी पिटाई कर दी थी, लेकिन उस समय शायद वे भी नहीं जानते थे कि यह नाम उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी शोहरत दिलाएगा. पेले के लिए कुछ भी कहना कम ही होगा. चार विश्व कप और तीन में ब्राज़ील को ख़िताब और कुल 12 गोल.
मारियो केम्पस (1974, 1978, 1982- 6 गोल)
इमेज कैप्शन, अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी मारियो केम्पस को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं. 1978 के विश्व कप में उन्होंने अपने देश की ओर से छह गोल मारे. इनमें फ़ाइनल में हॉलैंड के ख़िलाफ़ मारे गए दो गोल भी शामिल हैं. उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत अर्जेंटीना ने अपने देश में विश्व कप का ख़िताब जीतने में सफलता पाई.
जे मूलर (1970, 1974- 14 गोल)
इमेज कैप्शन, 'डेर बॉम्बर' के नाम से मशहूर जर्मन स्ट्राइकर जे मूलर अपनी गोल करने की क्षमता के कारण जाने जाते थे. 1974 के विश्व कप फ़ाइनल में उनके गोल की सबसे ज़्यादा चर्चा होती है, जिसके कारण पश्चिम जर्मनी को ख़िताब जीतने में सहायता मिली थी. लेकिन उन्हें शोहरत मिली थी चार साल पहले 1970 के मेक्सिको विश्व कप से. इस विश्व कप में उन्होंने 10 गोल मारे थे.
पावलो रोसी (1978, 1982- 9 गोल)
इमेज कैप्शन, अगर रोसी की कहानी को एक फ़िल्म की स्क्रिप्ट मानी जाए तो शायद उसे बहुत ज़्यादा सनसनीख़ेज कहकर ठुकरा दिया जाता. लेकिन यह सच्चाई है. 1978 के विश्व कप में हिस्सा लेने के बाद पावलो रोसी को मैच फ़िक्सिंग मामले में प्रतिबंधित कर दिया गया. 1982 के विश्व कप में उनकी वापसी हुई. उन्होंने छह गोल मारे, गोल्डन बूट हासिल किया और देश को विश्व कप भी जितवाया.
गैरी लिनेकर (1986, 1990- 10 गोल)
इमेज कैप्शन, दुबले-पतले और मासूम चेहरे वाले गैरी लिनेकर ने 1986 में शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड की ओर से छह गोल मारे. इनमें पोलैंड के ख़िलाफ़ हैट्रिक भी शामिल हैं. उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के कारण गोल्डन बूट भी हासिल किया. 1990 में भी लिनेकर ख़ूब जमे और चार गोल दाग़कर अपने देश को सेमीफ़ाइनल तक पहुँचाया.
डिएगो माराडोना (1982, 1986, 1990, 1994- 8 गोल)
इमेज कैप्शन, आप भले ही माराडोना को बेहतरीन स्ट्राइकर न कहें, लेकिन उन्हें प्रतिभा के मामले में शायद ही कम नंबर मिलें. 1986 में विवादास्पद गोल के कारण माराडोना की ख़ूब चर्चा हुई. 'ईश्वर के हाथ' वाले गोल की बात माराडोना ने ख़ुद भी स्वीकार की. लेकिन इससे शायद ही किसी को इनकार होगा कि उनमें प्रतिभा कम नहीं थी. हालांकि 1994 में ड्रग्स लेने के मामले में उनका नाम बदनाम भी हुआ.
जुर्गन क्लिंसमैन (1990, 1994, 1998- 11 गोल)
इमेज कैप्शन, 1990 में पश्चिम जर्मनी को विश्व कप दिलवाने में क्लिंसमैन की भूमिका से शायद ही किसी को इनकार होगा. हालाँकि 1990 के उनके शानदार प्रदर्शन को 1994 की असफलता के कारण धोने की कोशिश की गई, लेकिन उनका नाम बेहतरीन खिलाड़ियों में दर्ज तो हो ही गया. 1990 में उनके प्रदर्शन को लंबे समय तक याद रखा जाएगा.
हृस्टो स्ट्वाइचकोव ( 1994, 1998- 6 गोल)
इमेज कैप्शन, बुल्गारिया के हृस्टो स्ट्वाइचकोव ने 1994 में अपने देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में मदद की. और तो और उस वर्ष के विश्व कप में अपने देश को चौथा स्थान दिलाकर स्ट्वाइचकोव ने अपना नाम भी रोशन किया. लेकिन कभी भी वे विवादों से दूर नहीं रहे. बार्सिलोना के लिए खेलते समय उनका रेफ़री से झगड़ा हो गया और उन पर छह महीने के लिए पाबंदी भी लगाई गई. इसके बावजूद वे प्रशंसकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय रहे.
रोनाल्डो (1994, 1998, 2002, 2006- 15 गोल)
इमेज कैप्शन, वे जब मैदान में होते हैं तो उनका खेल देखने लायक़ होता है. ये हैं ब्राज़ील के मशहूर खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो. 1994 के विश्व कप में पहली बार खेलने का मौक़ा मिला. लेकिन 1998 के फ़ाइनल में उनकी हालत को लेकर अभी भी सवाल उठते रहते हैं. 2002 में उन्होंने इससे उबरते हुए अपने देश को फिर चैम्पियन बनवाया. 2002 में उन्होंने आठ गोल मारे और गोल्डन बूट भी हासिल किया. इसमें कोई शक नहीं कि वे दुनिया के बेहतरीन स्ट्राइकरों में से एक हैं. वर्ष 2006 के फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में उनका जादू नहीं चला और ब्राज़ील की टीम सेमीफ़ाइनल में भी नहीं पहुँच पाई. आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने इस विश्व कप में भी तीन गोल मारे. इस समय वे विश्व कप में सर्वाधिक 15 गोल मारने वाले खिलाड़ी हैं.