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बंधक कांड में 250 लोग मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस में अधिकारियों का कहना है कि बेसलान शहर के एक स्कूल में बंधक संकट के ख़ूनी अंत के दौरान लगभग 250 लोगों की मौत हो गई. रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने बेसलान शहर के उस स्कूल का दौरा किया है जहाँ शुक्रवार को बंधक संकट का अंत हुआ. उत्तरी ओसेतिया के इस स्कूल में बंदूकधारियों ने गत बुधवार से सैकड़ों लोगों को बंधक बनाया हुआ था और वे रूसी गणराज्य चेचन्या की आज़ादी की माँग कर रहे थे. रूसी सेना के अधिकारियों ने घोषणा की है कि बंधक समस्या की समाप्ति के लिए शुरू किया गया अभियान अब समाप्त हो गया है. रूस के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी विक्टर सोबोलेव ने अभियान समाप्ति की घोषणा करते हुए कहा,"लगभग सारे हमलावर मारे गए हैं और कई को पकड़ लिया गया है". रूस की स्थानीय समाचार एजेंसियों ने ख़बर दी है कि रूसी सैनिकों ने स्कूल पर धावा बोलकर 27 हमलावरों को मार डाला. तीन हमलावरों को पकड़ लिया गया है और बताया जा रहा है कि चार और हमलावर अभी तक हाथ नहीं आ सके हैं. रूसी अधिकारियों का कहना है कि मारे गए 27 हमलावरों में से नौ अरब देशों के भाड़े के चरमपंथी थे. 600 से भी अधिक लोगों को अस्पताल ले जाया गया है. घायलों में से आधे बच्चे बताए जा रहे हैं. बंधक संकट की समाप्ति के बाद भी स्कूल के आस-पास कुछ धमाके सुने गए मगर समझा जाता है कि ये धमाके हमलावरों के उन विस्फोटकों को नष्ट करने से हुए जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने स्कूल के भीतर पड़ा पाया. संकट की समाप्ति
बेसलान के जिस स्कूल में बुधवार से लोगों को बंधक बनाया गया था वहाँ शुक्रवार सुबह भारी गोलीबारी और धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने स्कूल पर धावा बोल दिया जिसके बाद बंधक संकट की समाप्ति हो सकी. मगर इस बात को लेकर अभी भी संदेह बना हुआ है कि स्कूल में आख़िर वह धमाका कैसे हुआ जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों को हमला करना पड़ा. रूस सरकार का कहना है कि हमले की कोई योजना नहीं थी और ये कार्रवाई मजबूरी में करनी पड़ी. रूस की संघीय सुरक्षा एजेंसी के क्षेत्रीय प्रमुख का कहना है कि वे तो बंधक बनानेवालों से और बातचीत करने की तैयारी कर रहे थे जब सुरक्षाकर्मियों को बंधकों की जान बचाने के लिए गोलियाँ चलानी पड़ीं. उन्होंने बताया कि दो बड़े धमाके सुने गए जिसके बाद स्कूल से बंधक बाहर की ओर भागे. भारी गोलीबारी के बीच स्कूल से अर्धनग्न बच्चे बदहवास बाहर की ओर भागते हुए आए. तीन दिन से भूखे-प्यासे बच्चों ने बाहर आते ही सबसे पहले लोगों से पानी की बोतलें लेकर अपनी प्यास बुझाई. वैसे स्कूल में बंधकों की संख्या को लेकर अभी भी भ्रम बना हुआ है. अधिकारियों के अनुसार गुरूवार को रिहा किए गए 26 बंधकों को छोड़कर स्कूल में 354 लोग थे. मगर रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के एक सहयोगी का कहना था कि स्कूल में लगभग 1200 लोग थे. प्रतिक्रियाएँ रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने बंधक संकट की समाप्ति के बाद से अभी तक कोई बयान नहीं दिया है. गुरूवार को उन्होंने वायदा किया था कि समस्या के शांतिपूर्ण हल के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँगे. बीबीसी के मास्को संवाददाता का कहना है कि ऐसा समझा जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति कार्रवाई के दौरान हुई मौतों की ज़िम्मेदारी चरमपंथियों पर थोपेंगे. वैसे दुनिया भर में इस बंधक संकट की निंदा हुई है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा,"इस घटना में हुई मौतें एक बार फिर ये याद दिलाती हैं कि आतंकवादी सभ्य समाज को भयभीत करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं". यूरोपीय संघ के नेताओं ने भी घटना पर शोक प्रकट किया है. मगर नेदरलैंड में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में नेदरलैंड के विदेश मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ रूस से ये पूछेगा कि आख़िर ये घटना घट कैसे सकती है. चीन और अरब जगत के देशों ने भी बंधक कांड के लिए चरमपंथियों की निंदा की है. |
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