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मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का निधन
मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का निधन हो गया है. वे कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे.
उन्होंने 85 वर्ष की उम्र में लखनऊ के एक अस्पताल में अंतिम साँसें लीं.
लालजी टंडन के बेटे और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन ने ट्विटर पर अपने पिता की मृत्यु की पुष्टि करते हुए लिखा - 'बाबूजी नहीं रहे'.
लालजी टंडन को 11 जून को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया था.
उनकी अनुपस्थिति में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त दायित्व सौंप दिया गया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालजी टंडन के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि 'उन्होंने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई'.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लालजी टंडन के निधन पर शोक जताया है.
बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी लालजी टंडन के निधन पर उनके परिवार के लिए संवेदना प्रकट की है.
भाजपा के बड़े नेता
लखनऊ में 1935 में जन्मे लालजी टंडन भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ राजनेता थे.
दो बार उत्तर प्रदेश में विधान परिषद का सदस्य रहने के बाद वो 1996 से 2009 के बीच तीन बार उत्तर प्रदेश से ही विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए.
वे उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार और मायावती की बीएसपी-बीजेपी गठबंधन सरकार में मंत्री रहे.
वे 2003 से 2007 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे. तब प्रदेश में समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव की सरकार थी.
2009 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए. ये सीट इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सीट थी जहाँ से वे लगातार चार बार सांसद रहे.
2018 में उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाया गया था. इसके अगले साल वो मध्य प्रदेश के राज्यपाल बनाए गए.
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