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दक्षिण अफ्रीका में आज़ादी का उत्सव
दक्षिण अफ्रीका में दो जनवरी को नए साल का जश्न मनाया गया.
राजधानी केपटाउन की सड़कों पर लोगों ने परेड निकाली और नाच-गाकर खुशी का इजहार किया.
जगह-जगह भव्य झांकियां भी निकाली गईं.
19वीं सदी में दक्षिण अफ्रीका के गुलामों को अपने मालिकों से साल में एक दिन का अवकाश मिला था. तभी से दो जनवरी को परेड और जश्न की परंपरा शुरू की गई.
ये केप मिनिस्ट्रल बैंड के दक्षिण अफ्रीकी सदस्य हैं. उन्होंने हर साल की तरह इस साल भी ट्वीडी न्यू ईय़र (यानी सेकेंड न्यू ईयर) मनाया.
सार्वजनिक जगहों पर सतरंगी पोशाक पहने बच्चे और खुशरंग चेहरे छाए रहे.
हर साल इसी दिन लोग न्यू ईयर मनाने जुटते हैं.
वहीं केपटाउन में भव्य झांकियां भी निकाली जाती है.
खुशियां मनाने के लिए समूह में लोग गीत गाते हैं, छतरियां लेकर घूमते हैं, बैंजो बजाते हैं, संगीत का आनंद उठाते, नाचते हैं.
डिस्ट्रिक्ट सिक्स इलाके से इनका जत्था चलता है और शहर के मध्य हिस्से तक नाचते-झूमते हुए पहुंचता है.
ये वो गाने होते हैं जिन्हें 18वीं सदी से गाया जा रहा है. वे अभी भी लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं.