आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
आप्रवासियों को निकालने के लिए ट्रंप का नया निर्देश
अमरीका में ट्रंप प्रशासन ने अवैध आप्रवासियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज़ करने के लिए नए सख़्त दिशानिर्देश जारी किए हैं.
इसके तहत सबसे पहले ऐसे आप्रवासियों को निशाना बनाया जाएगा जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है और जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं.
इनमें गंभीर अपराधों में शामिल रहनेवाले लोगों के अलावा साधारण ट्रैफ़िक क़ानून तोड़ने या दूकानों से सामान चोरी करने के लिए गिरफ़्तार किए गए लोगों को भी शामिल किया जाएगा.
बच्चों को नहीं निकाला जाएगा
साथ-साथ ऐसे लोग भी निशाने पर होंगे जिन्हें अमरीकी सुरक्षा के लिए ख़तरा समझा जाएगा या जिन्होंने देश की जनकल्याण प्रणाली का दुरुपयोग किया है.
आदेश से अमरीका में लगभग एक करोड़ 10 लाख विदेशी लोगों पर असर पड़ सकता है जिनके पास ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं हैं.
लेकिन ओबामा शासनकाल के दौरान अमरीका आए जो आप्रवासी बच्चों को छूट दी जाएगी.
होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने इसे लागू करने के लिए 10 हज़ार अतिरिक्त अधिकारियों को नियुक्त करने की योजना बनाई है.
विभाग का कहना है 'बहुत ही सीमित अपवादों के अलावा सुरक्षा विभाग किसी भी वर्ग या श्रेणी के बाहरी व्यक्ति को हटाने से पीछे नहीं हटेगा. वो सभी लोग जिन्होंने इमिग्रेशन क़ानूनों का उल्लंघन किया है उन्हें अमरीका से निकाला जा सकता है. '
मेक्सिको भेजने की होगी कोशिश
मंगलवार को होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री जॉन केली जो दो निर्देश जारी किए हैं उनके अनुसार नए निर्देशों के तहत पकड़े जानेवाले लोगों को साबित करना होगा कि वे अमरीका में लगातार दो साल से रह रहे थे.
साबित नहीं करने पर उन्हें बिना किसी अदालती कार्यवाही के देश से बाहर निकाला जा सकेगा.
उनमें एक पुराने क़ानून को भी लागू करवाने की बात की गई है जिसके तहत अधिकारी सीमा पर पकड़े गए कुछ लोगों को जबरन मेक्सिको भेज सकते हैं, वो चाहे जिस भी देश के हों.
मगर अभी ये स्पष्ट नहीं है कि अमरीका के पास विदेशी लोगों को जबरन मेक्सिको भेजने का अधिकार है या नहीं.
निर्देशों में अधिकारियों से उन अभिभावकों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए भी कहा गया है जो तस्करी के रास्ते अपने बच्चों को अमरीका लाए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)