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जापान में बारिश और बाढ़ का क़हर, 14 की मौत और कई लापता
जापान के दक्षिण में मौजूद क्यूशू द्वीप पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ से एक नर्सिंग होम में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है.
लाखों लोगों को अपना घर खाली करने को कहा गया है. यहां के कुमामोटो प्रांत में कुमा नदी अपने सामान्य स्तर से भी ऊपर बह रही है.
लगातार बचाव काम में तेज़ी की मांग किए जाने के बाद प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने 10,000 सैनिकों को बचाव कार्य में तैनात करने का आदेश दिया है.
प्रधानमंत्री आबे ने कहा है कि रविवार तक भारी बारिश की आशंका है, ऐसे में लोग 'अधिक सावधान' रहें.
इस द्वीप पर भारी बारिश से कुमामोटो और कगोशिमा प्रांत अधिक प्रभावित हुए हैं.
वहीं, सुनागी शहर में हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हुई है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है.
बहुत से लोग अभी भी ग़ायब, पानी में डूबे घर
आबे ने कहा है कि "अभी तक सिर्फ़ भूस्खलन के कारण मारे गए लोगों के बारे में सूचना प्राप्त हुई है."
बहुत से लोग अभी भी लापता हैं लेकिन इनका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है.
जापान से जो तस्वीरें मिल रही हैं उनमें कुमा नदी पर बना पुल पानी में ग़ायब हो चुका है. वहीं सैकड़ों कारें और घर पानी में डूबे हुए हैं.
जापान के मौसम विभाग का कहना है कि इस तरह की बारिश इस क्षेत्र में पहले कभी नहीं हुई.
कुमामोटो प्रांत के अशिकिता में रहने वाली हरूका यमाडा ने क्योडो समाचार एजेंसी से कहा है, "मैंने बड़े पेड़ों और घरों को पानी में बहते हुए देखा और उनको टूटने की आवाज़ सुनी. हवा में गैस और सीवेज की गंध भरी हुई थी."
समाचार चैनल एनएचके का कहना है कि तकिनुई ज़िले में आठ घरों के बह जाने की रिपोर्ट है.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने एनएचके के हवाले से बताया है कि नर्सिंग होम में 15 लोगों की मौत हुई है. इस पर कुमामोटो के गवर्नर इकुओ काबाशिमा ने कहा है कि 14 लोगों की मौत कार्डिएक अरेस्ट से हुई है.
जापान में जब तक डॉक्टर आधिकारिक मौत की पुष्टि नहीं करता है तब तक इसी को मौत की वजह बताया जाता है.
'सड़क बन गई है नदी'
एनएचके से एक महिला ने कहा, "मैं कहीं और नहीं जा सकती हूं क्योंकि सड़क नदी बन चुकी है. यह बहुत डरावना है."
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने बताया है कि एक फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति को सेना का हेलिकॉप्टर रस्सी के ज़रिए घर की छत से बचा रहा है जबकि पूरा शहर मैले पानी में है.
क्योडो समाचार एजेंसी का कहना है कि कुमामोटो और कगोशिमा में 2 लाख से अधिक लोगों को अपने घर खाली करने को कहा गया है.
इस क्षेत्र में कुछ ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं जबकि 8,000 से अधिक घरों में बिजली नहीं है.
जापान में यह मॉनसून का सीज़न है जिसके कारण बारिश और भूस्खलन का ख़तरा अक्सर बना रहता है और स्थानीय प्रशासन घर खाली करने का आदेश देते हैं.
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