समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में हुए एमएलसी चुनावों
की मतगणना में कई जगहों पर धांधली के आरोप लगाए हैं.
इन चुनावों में बीजेपी को चार सीटें
मिली हैं जबकि बनारस में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने जीत
दर्ज की है.
उन्होंने इस जीत के लिए पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की
नीतियों को श्रेय दिया.
आगरा में समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवार
के साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं.
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “अब भाजपा ख़ुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए
सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया
यह व्यवहार कितना जायज़ है. प्रशासन डॉ.
आकाश अग्रवाल जी को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत दे.”
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के
उम्मीदवार संजययन त्रिपाठी ने धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना
का बहिष्कार किया है.
उन्होंने पत्रकारों से कहा,
"तीन चक्र की मतगणना तक सब कुछ ठीक चल रहा
था. निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव लगभग 450 मतों से आगे थे...अचानक से यह देखा गया कि जो मतगणना हो रही थी,
उसमें एकदम से एकतरफा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष
में वोट निकलने लगे...अचानक से पूरा ट्रेंड बदला हुआ था...हमने
मतगणना का बहिष्कार किया. पुलिस दुर्व्यवहार कर रही थी और सीधे-सीधे लोकतंत्र की
हत्या करके सत्ताधारी दल के प्रत्याशी को चुनाव जिताने के लिए मन बना करके बैठे
थे."
बरेली मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी समाजवादी पार्टी के
उम्मीदवार दानिश अख़्तर ने बीजेपी की जीत के लिए चुनाव आयोग को ज़िम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, “यहां मतगणना निष्पक्ष रूप से हुई है
लेकिन मतदाता सूची में 30% फर्जी
लोग हैं. मैंने इसके प्रमाण दिए और कई बार इसके संबंध में चुनाव आयोग को लिखा
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई..."
उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनावों के नतीजे आ रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में 11 लेजिस्लेटिव काउंसिल सीटों के लिए वोटों की गिनती जारी है. पांच ग्रेजुएट और छह टीचर सीटों पर कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं. यूपी एमएलसी चुनाव में 1,481,310 वोटरों में से 55.24% वोटिंग हुई.