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इंग्लैंड के ख़िलाफ़ क्लीन स्वीप करने उतरेगा भारत
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
- प्रकाशित
भारत और इंग्लैंड के बीच रविवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान में मौजूदा एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ का तीसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा.
विराट कोहली की कप्तानी में भारत पिछले दोनो मैच जीतकर सिरीज़ पहले ही अपने नाम कर चुका है.
ऐसे में भारतीय टीम बिना किसी दबाव के तीसरा मैच भी अपने नाम कर इंग्लैंड को 3-0 से मात देने के उद्देश्य से मैदान में उतरेगी.
दूसरी तरफ इंग्लैंड की टीम किसी भी तरह तीसरा मैच जीत कर अपनी साख बचाने की कोशिश करेगी.
वैसे इंग्लैंड ने पहले मैच में सात विकेट पर 350 रन बनाए.
इसके बावजूद वह तीन विकेट से हार गया.
दूसरे मैच में तो भारत ने छह विकेट पर 381 रन जैसा भारी भरकम स्कोर खडा किया.
इंग्लैंड ने भी आठ विकेट पर 366 रन बनाकर अपना दमख़म दिखाया लेकिन वह जीत से 15 रन दूर रहा.
इससे एक बात तो साबित हो गई कि दोनों ही टीमों में बल्लेबाज़ों की कमी नही है, लेकिन गेंदबाज़ी दोनों टीमों के लिए समस्या है.
इसका सबसे बडा कारण विकेट का बल्लेबाज़ों के लिए मददगार होना रहा, लेकिन कोलकाता में शायद ऐसा ना हो.
कोलकाता का विकेट नया है और वहां तेज़ गेंदबाज़ों को मदद मिल सकती है.
भारत के सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन का खेलना अभी तय नही है, क्योंकि उनके हाथ में चोट है.
शिखर धवन दोनों ही मैचो में कुछ खास नहीं कर सके.
पहले मैच वह एक और दूसरे मैच में 11 रन ही बना सके.
विराट कोहली उनकी जगह अजिंक्य रहाणे को अवसर दे सकते हैं.
शिखर धवन के अलावा के एल राहुल भी दोनो मैचो में आठ और पांच रन ही बना सके हैं.
उनके अलावा विराट कोहली, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव तो अपने बल्ले का जादू दिखा चुके है.
उनकी शतकीय पारियां भारत की जीत में अहम रही.
इसके बाद हार्दिक पांड्या और रविद्र जडेजा को भी अभी तक जितना मौक़ा मिला उसका फ़ायदा उन्होंने उठाया है.
विराट कोहली भारतीय गेंदबाज़ी को लेकर ज़रूर चिंतित होंगे.
पिछले मैच में भारत ने तीसरे अनिवार्य पॉवर प्ले यानि आखिरी 10 ओवर में 120 रन लुटाए.
पहले मैच में भी आखिरी 10 ओवर में भारतीय गेंदबाज़ो ने 115 रन दिए थे.
इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ एलेक्स हेल्स हाथ में चोट के कारण बाहर हो गए है.
हालांकि उनके बल्ले से अधिक रन नही निकले, लेकिन दूसरे सलामी बल्लेबाज़ जेसन राय ने पहले मैच में 73 और दूसरे मैच में ज़ोरदार 82 रन बनाए.
दूसरे मैच में तो कप्तान इयोन मोर्गन ने भी 102 रनो की शतकीय पारी खेलकर एक समय तो इंग्लैंड को जीत के नज़दीक ही पहुंचा दिया था.
उनके रन आउट होने से भारतीय खेमे ने चैन की सांस ली.
निचले बल्लेबाज़ो में मोईन अली ने भी 55 रन बनाकर भारतीय गेंदबाज़ो को परेशान किये रखा.
अब अंतिम मैच में इंग्लैंड को जो रूट और जोस बटलर से बड़ी पारी की उम्मीद होगी.
कोलकाता में भारत के स्पिनर एक बार फिर अपना कुछ योगदान जीत में दे सकते है.
रविंद्र जडेजा की घूमती हुई धीमी गेंदो पर इंग्लैंड के बल्लेबाज़ो को परेशानी हुई है.
उन्होंने दोनो मैचो में किफायती गेंदबाज़ी की है.
आर अश्विन थोडी महंगे साबित हुए लेकिन पिछले मैच में तीन विकेट लेने से उनका हौंसला बढ़ा होगा.
इंग्लैंड के तेज़ गेदंबाज़ क्रिस वोक्स ने पिछले मैच में 60 रन देकर चार विकेट झटके.
उनके अलावा बाकी गेंदबाज़ तो लय के लिए भी तरसते रहे.
महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह ने चौथे विकेट के लिए 256 रन जोडकर ना सिर्फ अपने ऊपर उठते तमाम सवालों के जवाब तो दिए ही साथ ही इंग्लैंड की गेंदबाज़ी की पोल भी खोल दी.
अब देखना है कि पहले दोनो मैच में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद हारने के बाद इंग्लैंड की टीम में कितना मनोबल बचा है.