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अश्विन ने केएल राहुल को बदनामी से बचाया?
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
आईपीएल में यूं तो बल्लेबाज़ों की बड़ी और तेज़-तर्रार पारियां ही जीत का कारण बनती है, लेकिन कई बार पांच-सात गेंदों पर लगाए गए चौके-छक्के वाली छोटी पारी भी मैच का नक्शा बदल देती है.
मंगलवार को आईपीएल-12 में मोहाली में मेंज़बान किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान के बीच खेले गए मैच में भी ऐसा ही हुआ.
यह कारनामा किया किंग्स इलेवन के कप्तान आर अश्विन ने.
उनके केवल चार गेंदों पर बनाए गए नाबाद 17 रनों की मदद से पंजाब ने राजस्थान को 12 रन से हराया.
जीत के लिए 183 रनों के लक्ष्य के जवाब में राजस्थान सात विकेट खोकर 170 रन बना सकी.
इस मैच में आर अश्विन ने कमाल की कप्तानी भी की.
इसकी चर्चा बाद में, पहले बात उनकी धुआंधार बल्लेबाज़ी की.
एक समय जब टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए जब आर अश्विन मैदान में उतरे तब पंजाब का स्कोर 19.1 ओवर में छह विकेट खोकर 164 रन था.
कुलकर्णी को धो डाला
उस समय धवल कुलकर्णी गेंदबाज़ी कर रहे थे.
पंजाब के डेविड मिलर 40 रन बनाकर धवल कुलकर्णी की पहली गेंद पर जोस बटलर के हाथों कैच होकर डगआउट में लौटे.
उनकी जगह आर अश्विन ने ली.
मैदान में आते ही आर अश्विन ने धवल कुलकर्णी के उसी ओवर की दूसरी गेंद को थर्ड मैन पर चौके के लिए निकाला.
तीसरी गेंद पर उन्होंने एक रन चुराया.
चौथी गेंद पर उनके जोड़ीदार मुजीब उर रहमान ने लेगबाय का एक रन लिया.
इसके बाद धवल कुलकर्णी की बाकी बची दो गेंदों पर आर अश्विन ने लगातार दो छक्के लगाकर मोहाली में अपने बल्ले से धूम मचा दी.
ढोल-नगाड़ो के शोर के बीच आर अश्विन ने केवल चार गेंदों पर 17 रन बना डाले.
धवल कुलकर्णी के इस ओवर में 18 रन बने.
दोनों टीमों में अश्विन की पारी का ही फ़र्क
आर अश्विन के नाबाद 17 रनों की बदौलत पंजाब 20वें ओवर में छह विकेट पर 164 से 182 के स्कोर पर पहुंचने में कामयाब रहा.
इसके बाद जीत के लिए 183 रनों की तलाश में राजस्थान की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 170 रन ही बना सकी और 12 रन से मैच हार गई.
बाद में राजस्थान के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी माना कि वह आखिरी ओवर उनकी टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ.
कमाल की बात है कि जहां एक समय पंजाब का स्कोर 19.1 ओवर में छह विकेट खोकर 164 रन था वहीं राजस्थान का स्कोर 19.1 ओवर में सात विकेट खोकर 160 रन था.
यानी मामला लगभग समान ही था.
ज़ाहिर है आर अश्विन की धुआंधार पारी राजस्थान पर भारी पड़ी.
राजस्थान के लिए सलामी बल्लेबाज़ राहुल त्रिपाठी ने 50, जोस बटलर ने 23, संजू सैमसन ने 27 और अजिंक्य रहाणे ने 26 रन बनाए.
वैसे स्टुअर्ट बिन्नी ने भी केवल 11 गेंदों पर दो चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए लेकिन तब तक बाज़ी राजस्थान के हाथों से निकल चुकी थी.
कारगर कप्तानी
इस मैच में पंजाब ने कई उतार चढ़ाव देखे.
उसकी सलामी जोड़ी केएल राहुल और क्रिस गेल ने पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़कर ठीक-ठाक शुरूआत की.
क्रिस गेल ने 22 गेंदों पर दो चौके और तीन छक्कों के सहारे 30 रन बनाए.
दूसरी तरफ केएल राहुल ने सुस्त रफ़्तार से 47 गेंदों पर 52 रन बनाए.
इसके अलावा डेविड मिलर ने 40 और मयंक अग्रवाल ने भी 26 रनों का योगदान दिया.
इसके बाद तो आर अश्विन ने तेज़ी से चार गेंदों पर 17 रन बनाकर जैसे पंजाब की सोई हुई पारी को नींद से जगा दिया.
आर अश्विन ने इसके बाद बेहद समझदारी से भरी कप्तानी भी की.
उन्होंने अपना पहला ही आईपीएल मुक़ाबला खेल रहे खब्बू तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह का बेहतरीन इस्तेमाल किया.
उन्होंने उन पर पूरा भरोसा करते हुए पारी का 19वां ओवर सौंपा.
हालांकि उनके इस ओवर में स्टुअर्ड बिन्नी ने दो छक्के भी लगाए लेकिन अर्शदीप सिंह ने पहली तीन गेंदों पर दूसरे छोर पर खेल रहे अजिंक्य रहाणे को खुलकर खेलने का मौक़ा नहीं दिया.
रहाणे उनकी पहली गेंद पर कोई रन नहीं बना सके.
दूसरी गेंद पर रहाणे ने दो रन बनाए लेकिन तीसरी गेंद पर वह अपना विकेट खो बैठे.
जब रहाणे आउट हुए तब राजस्थान का स्कोर 18.3 ओवर में छह विकेट खोकर 148 रन था.
बस यहीं से राजस्थान मैच से बाहर होता चला गया.
अर्शदीप सिंह ने 43 रन देकर दो विकेट हासिल किए.
इसके अलावा आर अश्विन ने गेंदबाज़ी में भी अपने हाथ दिखाते हुए चार ओवर में केवल 24 रन देकर दो विकेट हासिल किए.
आर अश्विन के बल्ले से निकले ये 17 रन इसलिए भी हैरतअंगेज़ है क्योंकि पिछले तीन मैचों में तो उनका बल्लेबाज़ी में नम्बर ही नहीं आया था.
उन्होंने इससे पहले केवल एक बार दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ मोहाली में खेलते हुए तीन रन बनाए थे.
यानी अब तक खेले गए नौ मैचों में उन्हे मंगलवार को दूसरी बार बल्लेबाज़ी करने का अवसर मिला.
जो भी हो जीत जीत है.
इसके साथ ही पंजाब नौ मैचों में पांच जीत के बाद 10 अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर है.
दूसरी तरफ राजस्थान रॉयल्स आठ मैचों में दो जीत के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर है.
ज़रा सोचिए अगर आर अश्विन का बल्ला ना चलता और किसी तरह राजस्थान जीत जाता तो क्या होता.
क्या एक बार फ़िर केएल राहुल पर धीमी बल्लेबाज़ी के कारण पंजाब की हार का इल्ज़ाम नहीं आता?
ज़रूर आता क्योंकि इससे पहले भी चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ केएल राहुल ने 47 गेंदों पर 55 रन बनाए थे और उसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी ख़ूब खिंचाई की गई थी.
केएल राहुल हार्दिक पांड्या के साथ करन जौहर के शो में जाकर बदनामी का दंश भी झेल चुके हैं.
लेकिन इस बार तो आर अश्विन ने राहुल को बचा लिया और जीत के बाद पंजाब की बल्ले-बल्ले हो रही है.
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