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धोनी मैच हारने के बाद प्लेऑफ की उम्मीद मुश्किल होने पर बोले
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
चार बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के आईपीएल के 15वें संस्करण के प्लेऑफ़ में पहुँचना मुश्किल हो गया है.
बैंगलोर ने चेन्नई को 13 रनों से हराकर प्लेऑफ़ में उसकी संभावना लगभग धूमिल कर दी है.
दोनों टीमों के बीच आईपीएल के मुक़ाबलों में पलड़ा हमेशा चेन्नई का ही भारी रहता है और पिछले चार मुक़ाबलों से चेन्नई को बैंगलोर हरा भी नहीं पाई थी. लेकिन बुधवार को बैंगलोर ने उसे पटखनी दे दी.
अब आलम ये है कि जहाँ बैंगलोर फ़िलहाल टॉप-4 की टीमों में है तो चेन्नई की टीम 10 मुक़ाबलों में केवल 3 मैच ही जीत सकी है. उसके छह अंक हैं. यहाँ से टूर्नामेंट के बाक़ी सभी चार मुक़ाबले जीतने और 14 अंक बटोरने के बावजूद अब उसका प्लेऑफ़ में पहुँचना बहुत मुश्किल दिख रहा है.
अभी चेन्नई को दिल्ली कैपिटल्स (8 मई), मुंबई इंडियंस (12 मई), नंबर-1 गुजरात टाइटंस (15 मई) और राजस्थान रॉयल्स ( 20 मई) के साथ मुक़ाबला है.
एक भी मैच हारने की सूरत में उसके 12 अंक होंगे. फ़िलहाल टॉप चार टीमों के पास 12 या इससे अधिक अंक हैं और उन्हें भी तीन से चार मैच खेलने हैं. ऐसे में चेन्नई सभी मैच जीत जाए और टॉप की चार टीमें मुक़ाबले हार जाएं,ये शायद ही संभव हो.
लेकिन मैच हारने के बाद महेंद्र सिंह धोनी जब बोलने आए तो उन्होंने पॉइंट टेबल पर जो कहा उससे लगा कि एक चैंपियन का नज़रिया क्या होता है.
धोनी मैच के बाद बोले, "पहले बैटिंग में आप अपना स्वाभाविक क्रिकेट खेल सकते हैं लेकिन बाद में बैटिंग करने पर आपको लक्ष्य पर नज़र रखनी और उसके मुताबिक़ गणना करके बैटिंग करनी होती है. बतौर बल्लेबाज़ आपको मैदान के बीच में रहते हुए उन चीज़ों पर फ़ैसले लेने होते हैं. पॉइंट टेबल में कितने अंक हैं, इसे देख कर विचलित होना आसान है. अगर आप इन बातों पर ध्यान रखेंगे तो पॉइंट टेबल ख़ुद-ब-ख़ुद ठीक हो जाएगा."
टीम का प्रदर्शन
बैंगलोर की इस जीत में किसी एक क्रिकेटर का नहीं बल्कि पूरी टीम का एकजुट प्रदर्शन ही सबसे बड़ा कारण रहा.
महिपाल लोमरोर ने 27 गेंदों पर 42 रन बनाए. कप्तान फाफ डुप्लेसी ने 22 गेंदों पर 38 रन, पूर्व कप्तान विराट कोहली ने 30 रन (33 गेंदों) तो दिनेश कार्तिक अपने नए अवतार में केवल 17 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए.
इन चार क्रिकेटरों ने अपने बल्ले से केवल 99 गेंदों पर 136 रन जोड़े. जब गेंदबाज़ी का मौक़ा आया तो हर्षल पटेल ने तीन और ग्लेन मैक्सवेल ने दो विकेट लिए.
डेथ ओवर के किंग हर्षल पटेल
जडेजा, मोइन और प्रिटोरियस को आख़िरी ओवरों में आउट कर एक बार फिर हर्षल पटेल ने बताया कि आख़िरी उन्हें डेथ ओवर्स का किंग क्यों कहा जाता है.
यहाँ डुप्लेसी की कप्तानी की भी तारीफ़ करनी होगी. 12 ओवरों तक हर्षल पटेल को गेंद नहीं थमाई. लेकिन जब 13वां ओवर डालने के लिए बुलाया गया तो हर्षल महंगे रहे. अपने पहले ओवर में 10 रन दे दिए. इसके बाद डुप्लेसी ने उनका छोर बदला और पिच पर नए आए आउट ऑफ़ फॉर्म चल रहे रवींद्र जडेजा के सामने लेकर आए.
हर्षल ने इस ओवर में केवल चार रन देते हुए जडेजा को कोहली के हाथों कैच आउट करा दिया.
हर्षल को उनके तीसरे ओवर की पहली गेंद पर मोइन अली ने छक्का जड़ दिया. हर्षल ने अगली गेंद धीमी डाली. मोइन उनकी गेंद समझ नहीं पाए और पिच के पास ही एक्स्ट्रा कवर पर लपके गए.
ख़तरनाक बन रहे मोइन अली को आउट करके हर्षल ने दूसरे छोर पर खड़े कप्तान धोनी पर अतिरिक्त दबाव बनाने का काम किया. नए आए बल्लेबाज़ प्रिटोरियस ने अगले दो बॉल पर कोई रन नहीं बनाए और तीसरी पर एक रन लिए. आवश्यक रन रेट 15 से उछल कर क़रीब क़रीब 20 जा पहुंचा. दो ओवरों में जीत के लिए 39 रन बनाने थे.
रही सही कसर अगले ओवर की पहली ही गेंद पर धोनी को आउट कर हेज़लवुड ने पूरी कर दी.
आख़िरी ओवर में हर्षल ने प्रिटोरियस का विकेट भी लिया.
हर्षल पटेल ने आईपीएल 2021 में सबसे ज़्यादा विकेट इन्हीं डेथ ओवर्स में लिए थे. 14.34 की औसत से कुल 32 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम करने वाले हर्षल ने तब डेथ ओवर्स में 29 विकेटें ली थीं.
मैक्सवेलः रन आउट होने से बोल्ड आउट करने तक
मैक्सवेल जब बल्लेबाज़ी करने उतरे तो तुरंत ही रन आउट हो गए. लेकिन इस ऑलराउंडर ने गेंद के साथ अपना कमाल दिखाया.
पावरप्ले के बाद सातवें ओवर में चेन्नई का अभी पहला विकेट ही गिरा था. रॉबिन उथप्पा ने आते ही पहली गेंद पर चौका जड़ दिया था. इस समय डुप्लेसी ने आठवें ओवर के लिए गेंद मैक्सवेल के हाथ में दी. इस ओवर की दूसरी गेंद पर मैक्सी ने उथप्पा को पविलियन लौटा दिया.
अगले ओवर में फिर अंबाति रायडू ने छक्का जड़ दिया. 10 रन बन गए, रायडू खतरनाक बनते जा रहे थे. ऐसे में मैक्सवेल ने अपनी गेंद पर उन्हें बोल्ड कर के बैंगलोर के लिए जीत की नींव रखी.
इरफ़ान पठान ने भी ट्वीट किया कि "मैक्सवेल की ये गेंदबाज़ी आरसीबी के लिए खेली गई दो सबसे अहम पारियों में से एक थी."
कॉनवे को एक नए रिकॉर्ड की तलाश...
जब चेन्नई की पारी शुरू हुई तो डेवॉन कॉनवे फिर एक बार फॉर्म में दिखे. लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक जमाया. मैच में अर्धशतक जमाने वाले अकेले क्रिकेटर बने.
बीते एक साल में कॉनवे ने जो क्रिकेट खेली है, वो किसी परिचय के मोहताज नहीं है.
दक्षिण अफ़्रीका से न्यूज़ीलैंड आकर क्रिकेट खेल रहे कॉनवे अपनी कड़ी मेहनत के बूते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत से ही लगातार चर्चा में हैं.
पहले टेस्ट मैच में दोहरा शतक, डेब्यू के बाद लगातार टेस्ट अर्धशतकों का रिकॉर्ड (क्रिकेट करियर के पहले पाँच टेस्ट मैचों की पहली पारियों में 50 से अधिक का स्कोर करने वाले कॉनवे दुनिया के पहले क्रिकेटर हैं), टी20 में लगातार अर्धशतकों के रिकॉर्ड की बराबरी जैसे रिकॉर्ड पर उनका नाम अंकित हो गया है.
इस साल चेन्नई ने उन्हें नीलामी में ख़रीदा और पहले ही मैच में कॉनवे ने नाबाद 85 रन बनाए. पहले विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ पहले विकेट के लिए 182 रनों की साझेदारी की जो चेन्नई का आईपीएल में पहले विकेट के लिए साझेदारी का नया रिकॉर्ड है.
कॉनवे ने अब लगातार दूसरे मैच में फ़िफ़्टी लगाई है. तो क्या कॉनवे की नज़र लगातार फ़िफ़्टी बनाने के रिकॉर्ड पर है? यह तो आने वाले मैचों में उनका प्रदर्शन ही बताएगा.
फिनिशर धोनी पिच पर खड़े रह गए
चेन्नई की आधी टीम के पविलियन लौटने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिच पर आए. तब 16वें ओवर की समाप्ति पर स्कोर पाँच विकेट पर 122 रन था.
चेन्नई को जीत के लिए अगले चार ओवरों में 13 रन प्रति ओवर की औसत से 52 रन बनाने थे.
17वें ओवर में केवल पाँच रन ही बने. इस ओवर में धोनी ने एक गेंद पर एक रन बनाए.
18वें ओवर की शुरुआत मोइन अली ने छक्के के साथ की. हर्षल पटेल ने अगली गेंद धीमी डाली और मोइन अली इस पर चकमा खा बैठे और सिराज अहमद को कैच थमा बैठे.
अंतिम दो ओवरों में जीत के लिए 39 रन बनाने थे लेकिन धोनी केवल दो रन बनाकर आउट हो गए, साथ ही चेन्नई की जीत की उम्मीदें भी ख़त्म हो गईं.
चेन्नई के लिए धोनी का 200वां मैच
बुधवार को महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल में चेन्नई के लिए 200 मैच खेलने का रिकॉर्ड बनाया.
धोनी किसी एक टीम के लिए सबसे अधिक मैच खेलने वाले विराट कोहली के बाद दूसरे क्रिकेटर हैं. कोहली ने रॉयल चैलेंज़र्स बैंगलोर के लिए 218 मैच खेले हैं.
लेकिन आईपीएल में सबसे अधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड धोनी के नाम ही है. धोनी ने आईपीएल में अब तक कुल 230 मैच खेले हैं. इनमें से 30 मैच धोनी ने 2016 और 2017 के दौरान राइज़िंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए खेले हैं. तब स्पॉट फिक्सिंग के कारण चेन्नई की टीम को आईपीएल से दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था.
धोनी के बाद सबसे अधिक आईपीएल मैच खेलने वाले क्रिकेटर दिनेश कार्तिक (224) और रोहित शर्मा (222) हैं.
अब आज (गुरुवार को) आईपीएल में दिल्ली कैपिटल और सन राइज़र्स हैदराबाद के बीच मुक़ाबला है.
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