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'पाकिस्तान बर्बाद कर रहा है अफ़ग़ानिस्तान को'
- Author, सलमान रावी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
- प्रकाशित
दिल्ली के लाजपत नगर के इलाक़े में अफ़ग़ान होटलों में काफ़ी गहमा गहमी है.
सबसे ज़्यादा चलने वाले एक होटल में दस्तरख़ानों पर व्यंजन सजे तो हैं मगर लोग आपस में बहस कर रहे हैं.
अमरीका द्वारा अफ़ग़ानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर 'मदर ऑफ़ आल बॉम्ब्स' के गिराए जाने के बाद लोगों में बहस हो रही है.
अफ़ग़ानिस्तान से यहाँ दिल्ली आए कई नौजवान समझ नहीं पा रहे हैं कि उनका और उनके देश का आखिर क्या भविष्य है ?
अली इनमें से एक ऐसे नौजवान हैं जो अफ़ग़ानिस्तान के कंधार के रहने वाले हैं. उनका कहना है कि जब उनके पूरे परिवार को तालिबान ने मार दिया था तब वो भी ज़ख़्मी हुए थे. उन्हें चार गोलियां लगीं थीं जिसके निशान दिखाते हुए वो भावुक हो जाते हैं.
"हमारे देश को पकिस्तान ने बर्बाद कर दिया. मगर एक दौर आएगा जब अफ़ग़ानिस्तान में फिर बहार आएगी."
'अमरीका के साथ कौन है सब जानते हैं'
अली कहते हैं कि बाहुबली सिकंदर के अलावा कई देशों ने अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की मगर नाकामयाब रहे.
इसी इलाक़े में मेरी मुलाक़ात कुछ और अफ़ग़ान नौजवानों से हुई जो अपने देश के बिगड़े हालात के लिए पकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराते हैं.
कुछ का कहना था कि जब रूस ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था तब पकिस्तान रूस के साथ था.
एक नौजवान ने कहा, "अब अमरीका के साथ कौन है सब जानते हैं. "
अफ़ग़ानिस्तान में बिगड़ते हुए हालात से तंग आकर बड़ी संख्या में वहां से लोगों का पलायन हुआ है. अफ़ग़ान शरणार्थी कई देशों में पनाह लिए हुए हैं. मगर इनकी तादात सबसे ज़्यादा भारत में है.
दिल्ली में भी इन शरणार्थियों की संख्या काफी है. इनमें से बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो अपनी जान बचाने के लिए भाग कर आए हैं.
कई नौजवान पढ़ाई के लिए आए हुए हैं. हाल के दिनों में इलाज कराने के लिए भी बड़ी संख्या में अफ़ग़ानी भारत आ रहे हैं.
लाजपत नगर के इस इलाक़े में ऐसे लोगों की संख्या भी काफी है जो कुछ दिनों के लिए भारत आते हैं और फिर इलाज करवाने के बाद वापस चले जाते हैं.
अपनी बीमार माँ का इलाज कराने के लिए ऐसे ही एक युवक नजीब का कहना है, "हालात इतने ख़राब हैं कि कोई अगर अच्छा डाक्टर बनता है तो उसे मार दिया जाता है. कोई अच्छा शिक्षक बनता है तो उसे मार दिया जाता है. इसलिए वहां कुछ भी नहीं है."
पकिस्तान के बारे में सबकी राय एक जैसी है. वो अफ़ग़ानिस्तान और भारत में चरमपंथी हमलों के लिए पाकिस्तान को ही दोषी मानते हैं.
रोटी की दुकान चलाने वाले जुम्बिश का कहना था, "भारत सुकून की जगह है. यहाँ हम सुरक्षित हैं."
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