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डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा के लिए आगरा में क्या क्या किया गया है
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, आगरा से, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगरा में भले ही सिर्फ़ दो घंटे रहें लेकिन उनके आगमन की तैयारी में पूरा शहर पिछले कई दिनों से रात-दिन एक किए हुए है.
हर उस रास्ते को धो-पोंछ कर चमकाने की तैयारी हो रही है जहां से उन्हें गुज़रना है और सुरक्षा के उच्च स्तरीय प्रबंध के लिए मुख्यमंत्री से लेकर आला अधिकारी तक लगे हुए हैं.
डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप 24 फ़रवरी को शाम क़रीब साढ़े चार बजे आगरा पहुंचेंगे और ताजमहल देखने जाएंगे.
ताजमहल परिसर के चारों ओर सुरक्षा का व्यापक घेरा है जिसमें स्थानीय पुलिस से लेकर अर्धसैनिक बलों के जवान और एनएसजी के कमांडो भी तैनात किए गए हैं.
पुलिस क्षेत्राधिकारी (ताज सुरक्षा) मोहसिन ख़ान ने बीबीसी को बताया, "बाहर से काफ़ी फ़ोर्स आई है यहां. आस-पास के लोगों को भी बताया जा रहा है कि उन्हें किस तरह से रहना है. हर होटल, रेस्टोरेंट, घर तक पुलिस की पहुंच है. यह भी सुनिश्चित किया गया है कि पर्यटकों को किसी तरह से कोई असुविधा न हो. 24 फ़रवरी को सुबह साढ़े बारह बजे के बाद ताजमहल परिसर को खाली करा लिया जाएगा और फिर वहां कोई पर्टयक नहीं जा सकेगा."
आगरा के खेरिया एयरपोर्ट से ताज महल के पास स्थित होटल अमर विलास पैलेस तक कुल 21 केंद्र बनाये गए हैं जहां अलग-अलग जगहों से आए तीन हज़ार कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत करेंगे.
पूरे रास्ते में स्वागत करने के लिए भी सिर्फ़ वही लोग खड़े हो सकते हैं जिन्हें आमंत्रित किया गया है.
आमंत्रित लोगों का सत्यापन करने के बाद ही उन्हें स्वागत करने का मौक़ा दिया गया है.
यही नहीं, ट्रंप जिसे रास्ते से आएंगे, वहां क़रीब सोलह हज़ार गमले लगाए गए हैं ताकि सड़क के किनारे ख़ूबसूरत दिखें.
आगरा नगर निगम और आवास विकास ने रास्ते की दीवारों को पेंट करा दिया है.
निर्माणाधीन इमारतों और सड़क किनारे की गंदगी को ढकने के लिए 'नमस्ते ट्रंप' वाली बड़ी होर्डिंग्स लगा दी गई हैं.
न सिर्फ़ ताज के आस-पास और ट्रंप के रूट पर बल्कि पूरे आगरा शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बीबीसी को बताया, "अमरीकी राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए इलाक़े को दस ज़ोन में बांटा गया है और हर ज़ोन में पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी रहेंगे. ताज महल के चारों तरफ़ के इलाक़े में पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है जिसमें 55 डिप्टी एसपी, 125 इंपेक्टर, 350 सब इंस्पेक्टर, 3000 कांस्टेबल, 10 कंपनी पीएसी और एक कंपनी रिवर पुलिस लगाई जाएगी."
एसएसपी ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस वाले सादी वर्दी में भी जगह-जगह तैनात रहेंगे जो लोगों पर नज़र रहेंगे.
ताजमहल के आस-पास के इलाक़ों में मुख्य सड़क से लगी हुई ऐसी शायद ही कोई गली हो जहां सुरक्षाकर्मी न तैनात किए गए हों.
इसके अलावा वीआईपी रोड और ताजमहल की ओर आने वाली अन्य सड़कों के किनारे बैरिकेडिंग की गई है ताकि कोई सड़क पर न आने पाए.
वीआईपी रोड पर एक पेठे की दुकान के मालिक रवि शंकर कहते हैं, "हम लोग तो पिछले पंद्रह दिन से ट्रंप के स्वागत की मार झेल रहे हैं. 24 फ़रवरी को तो दुकानें बंद रखने को कहा गया है लेकिन उससे पहले ही दुकानों के बोर्ड हटवा दिए गए हैं. शीशे के बाहर अख़बार चिपकाने को कहा गया है ताकि यह न दिखे कि हम क्या बेच रहे हैं."
शहर के पॉश इलाक़े मॉल रोड पर रविवार देर शाम तक सड़कों को धोया जा रहा था.
चौराहों पर भारत और अमरीका के झंडे लगाए गए थे और हर चौराहे पर एक दो-दर्जन पुलिसकर्मी तैनात थे.
इसके अलावा कुछ मीटर की दूरी पर नियमित अंतराल में पुलिसकर्मी ड्यूटी देते हुए देखे जा सकते हैं.
एक पुलिसकर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "ड्यूटी में लगे हर सुरक्षाकर्मी को पास दिए गए हैं और ये पास सिर्फ़ वहीं तक वैध हैं, जिस ख़ास स्थान के लिए जारी किए गए हैं. पुलिसकर्मी भी अपनी मर्ज़ी से इधर-उधर नहीं जा सकते."
सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था न सिर्फ़ किसी मानवीय आशंका को ध्यान में रखकर की गई है बल्कि जानवरों के हमलों को भी ध्यान में रखा गया है.
ताजमहल और उसके आस-पास बंदर अक़्सर पर्यटकों पर हमले करते रहते हैं.
बंदरों को खदेड़ने के लिए आगरा में लंगूरों की तैनाती की जा रही है. पुलिस प्रशासन ने इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों से मदद मांगी है.
लंगूर कहां तैनात किए गए हैं और वो कैसे काम करेंगे, इसके बारे में किसी अधिकारी ने कोई जानकारी नहीं दी.
ताजमहल के आस-पास मवेशी और कुत्ते भी बहुतायत में हैं. उन्हें भी वहां से हटाना प्रशासन के लिए चुनौती है लेकिन फ़िलहाल इसका समाधान निकल गया है.
एक अधिकारी ने यह बाते हुए काफ़ी राहत की सांस ली कि 'रविवार को न तो कोई मवेशी इधर आया और न ही कोई कुत्ता.'
क़रीब एक हफ़्ते पहले यमुना नदी में कई जगहों से गंगा समेत अन्य नदियों का पानी छोड़ा गया था ताकि यमुना में ज़्यादा पानी दिखे, पानी साफ़ हो जाए और उसमें से बदबू न आए.
ताजमहल के पूर्वी गेट से यमुना नदी की ओर साफ़-सफ़ाई का ख़ासा ध्यान रखा गया है लेकिन वहां बदबू नहीं आती, ऐसा दावा करना बेमानी होगा.
स्थानीय निवासी यशपाल सिंह कहते हैं, "पानी डाला तो गया था लेकिन यमुना में बढ़ा पानी दिख नहीं रहा है. यमुना के किनारे पानी का रंग वैसे ही काला है, जैसे हफ़्ते भर पहले था."
आगरा ज़िले में तैनात पुलिस और प्रशासन के अधिकारी किसी भी तरह से ट्रंप के कार्यक्रम को सकुशल निपटाने की कोशिश में लगे हैं तो आगरा निवासी इस बात से ख़ुश हैं कि उनके शहर में अमरीका के राष्ट्रपति आ रहे हैं और इसी के चलते शहर में कुछ साफ़-सफ़ाई भी हो गई है तो दूसरी ओर तमाम पर्यटकों में इस बात को लेकर मायूसी थी कि वो सोमवार को ताजमहल के दीदार नहीं कर पाएंगे.
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