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कोरोना वायरस: मुरादाबाद में स्वास्थ्य टीम और पुलिस पर हमला करने के आरोप में 17 लोग गिरफ़्तार
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी के लिए
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले में कोरोना संक्रमित व्यक्ति के परिवार को क्वारंटीन करने के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला करने के आरोप में 17 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
इन 17 लोगों में से 10 पुरुष हैं और 7 महिलाएं.
इन 17 लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 188, 269, 270, 332, 353, 307 और दूसरी अन्य कई धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया है.
यह हमला तब हुआ जब स्वास्थ विभाग की टीम संक्रमित शख़्स के परिवार को क्वारंटीन करने के लिए पहुंची थी. हमले में डॉक्टर, एंबुलेंस चालक समेत कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं.
मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने बताया, "नागफनी थाना क्षेत्र के हॉटस्पॉट में बुधवार दोपहर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर महिलाओं और कुछ लोगों ने पथराव कर दिया. स्वास्थ्य टीम पुलिस को साथ लेकर दो दिन पहले हुई कोरोना पॉजिटिव कारोबारी की मौत के बाद उसके परिवार और आस-पड़ोस के सदस्यों को क्वारंटीन करने गई थी. घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी पहुंच गए. हालांकि हमले उसके बाद भी होते रहे. फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है."
बताया जा रहा है कि हमले में घायल डॉक्टर और एंबुलेंस चालक की हालत गंभीर बनी हुई है. नागफनी थाना प्रभारी और उनके साथियों को भी कई पत्थर लगे हैं. पथराव में एबुलेंस और पुलिस जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं. घायलों को ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
बताया जा रहा है कि नागफनी थाना क्षेत्र के नवाबपुरा निवासी एक पीतल कारोबारी की दो दिन पहले तीर्थंकर मेडिकल विश्वविद्यालय अस्पताल में मौत हो गई थी. मृत व्यक्ति कोरोना पॉज़िटिव था. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने परिवार और आस-पास के 53 लोगों की सैंपलिंग की जिसमें से 17 लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए.
इसके बाद इस क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही थी. इसी बीच मृतक के भाई की भी अचानक हालत बिगड़ गई जिसे होम क्वारंटीन किया गया था.
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे डॉक्टर एससी अग्रवाल के नेतृत्व में पांच सदस्यों की टीम पुलिस को साथ लेकर नवाबपुरा इलाके में पहुंची थी.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "कुछ लोगों ने यह ख़बर फैलाई कि मेडिकल टीम कारोबारी के परिवार के साथ-साथ पड़ोस के लोगों को भी क्वारंटीन करने के लिए लेने आई है. टीम को देखकर महिलाएं भड़क गईं और उन्होंने एक भी सदस्य को टीम के साथ जाने नहीं दिया. इसी बीच नागफनी थाना प्रभारी सुनील कुमार भी अपनी टीम के साथ पहुंच गए. इस पर वहां मौजूद महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया."
घटना की सूचना मिलने पर डीएम राकेश कुमार सिंह और एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अमित आनंद समेत शहर के तमाम आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया. पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में भी काफ़ी देर तक रुक-रुक कर पत्थरबाज़ी होती रही.
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि हमलावरों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है कि और जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनसे पूछताछ की जा रही है. इलाक़े में भारी मात्रा में पुलिस बल और पीएसी को तैनात किया गया है.
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