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पाकिस्तान की पहली ट्रांसजेंडर मॉडल
- Author, प्रमोद मल्लिक
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
- प्रकाशित
वे दुनिया की पहली मुस्लिम ट्रांसजेंडर मॉडल हैं और वह भी पाकिस्तान में, जिसकी छवि कट्टरपंथी पारंपरिक समाज की रही है.
लेकिन, कराची में रहने वाली कामी सिड ने कई परंपराओं को तोड़ा है और उन्होंने समाज और धार्मिक रोक टोक की क़तई परवाह नहीं की है.
कामी को बचपन से ही लगता था कि उनकी रूह ग़लत शरीर में क़ैद है. वे ख़ुद को लड़का नहीं मानती थीं, उन्हें लड़कियां आकर्षित नहीं करती थीं. वे मन ही मन ख़ुद को लड़की मानती थीं. पर लड़कियों का उनका यह मन लड़के के जिस्म में बंद था.
वो कहती हैं, "जब मैं 22 साल की हुई, मुझे लगा, अब मुझे अपने वास्तविक रूप में आ ही जाना चाहिए."
और फिर उन्होंने लड़कियों की तरह रहना शुरू कर दिया.
घर और आस पास के लोगों की प्रतिक्रिया बहुत अच्छी नहीं थी. ज़्यादातर लोग उन्हें नए रूप में मंज़ूर करने को तैयार नहीं थे.
कामी ने बीबीसी से कहा, "मेरी मां ने मुझे भरपूर समर्थन दिया. लेकिन दूसरे रिश्तेदारों ने स्वीकार नहीं किया. मेरे बहनोई ने मुझे बुरी तरह पीटा."
लेकिन वो फ़ैसला कर चुकी थीं और ग़लत जिस्म से आज़ाद हो चुकी थीं.
कामी ने बीबीसी से कहा, "मेरा सेक्सुअल ओरियंटेशन मेरे अंदर की चीज़ है और उसका मेरे धर्म से कोई रिश्ता नहीं है. जिस अल्लाह ने दूसरों को बनाया, उसी ने मुझे भी बनाया है. उसने मुझे जैसा बनाया है, मै वैसी ही हूं और इस पर मुझे फ़ख़्र है."
वो आगे कहती हैं, "दरअसल मेरे देश के मुल्ला मौलवी फ़िलहाल सोए हुए हैं, उन्हें मेरे बारे में पूरी तरह शायद पता नहीं है. जिस दिन वे जगेंगे, मुझे ज़रूर भला बुरा कहेंगे, मुझ पर हमला करवा सकते हैं. पर मुझे किसी की कोई चिंता नहीं है."
कामी ने कहा, "दरअसल मेरे हाथ में तालीम की तलवार है. मैं पढ़ी लिखी हूं, पैसे कमाती हूं, अपने पैरों पर खड़ी हूं. मुझे दबाना किसी के लिए बहुत आसान नहीं है."
वो कहती हैं कि उन्हें समाज, धर्म और किसी दूसरे की कोई परवाह नहीं है. वे जो हैं, जैसी हैं, ठीक हैं.
उन्होंने कहा, "मैं अपने आप से प्यार करती हूं. मुझे जो अच्छा लगता है करती हूं, जो रूप आरामदायक है, उसमें आ गई. दूसरे जो सोचते हैं, सोचते रहें."
कामी ने मॉडलिंग का पेशा चुना. यह सफ़र भी बहुत आसान नहीं था.
सिड ने कहा कि उन्हें मॉडल बनने के लिए दोतरफा भेदभाव का सामना करना पड़ा.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "लोगों ने मेरे सेक्सुअल ओरियंटेशन को लेकर भद्दे कमेंट्स किए, तरह तरह की बुरी बातें कहीं. मखौल उड़ाया. लोगों को लगा कि ट्रांसजेंडर सेक्सवर्कर होते हैं, उन्हें कुछ पैसों पर ख़रीदा जा सकता है. पर मैंने किसी की परवाह नहीं की."
वे कहती हैं, "ट्रांसजेंडरों के साथ इस तरह का व्यवहार हर जगह होता है, पाकिस्तान में तो होता ही है, भारत में भी होता है. पश्चिम के उदार देशों में समस्या थोड़ी कम ज़रूर है, पर वहां भी भेदभाव है."
एक बार फिर रिश्तेदारों ने भला बुरा कहा, लोगों ने समझाया कि "इस पेशे में मेरा शारीरिक शोषण किया जाएगा, लोग मेरी खिल्ली उड़ाएंगे, कोई मुझे मॉडलिंग का काम नहीं देगा.
कामी को मॉडलिंग का काम मिला, उन्होंने दो अलग अलग लोगों के साथ फ़ोटो शूट किया. हसीब सिद्दिकी ने बतौर मॉडल उनका पहला फ़ोटो शूट किया.
इसके अलावा कामी ने एक लघु फ़िल्म मे भी काम किया है. रानी नाम की यह फ़िल्म समलैंगिकों की समस्या बयां करती है. इसके निर्देशक हम्माद इसे समलैंगिक फ़िल्म उत्सव में दिखाने की योजना बना रहे हैं.
कामी कहती हैं कि वे समलैंगिकों के हक़ों के लिए काम करना चाहती हैं, उनकी समस्याएं समाज के सामने लाना चाहती हैं.
दुनिया की पहली मुस्लिम ट्रांसजेंडर मॉडल की दिली इच्छा भारत के फ़िल्मों में काम करना और यहां मॉडलिंग करना है.
कराची की रहने वाली कामी सिड का कहना था, "इंशा अल्लाह! मैं हिंदुस्तान जाऊंगी और वहां फ़िल्मों में काम करूंगी. वहां के लोग भी मुझे ज़रूर स्वीकार करेंगे."
उनका सपना है हॉलीवुड के समलैंगिक फ़िल्म उत्सव में भाग लेना और रेड कार्पेट पर वॉक करना. उन्हें उम्मीद है कि उनका यह सपना एक दिन ज़रूर पूरा होगा.