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अफ़ग़ानिस्तान: जलालाबाद में हिंदू और सिख बच्चों के लिए अलग स्कूल
अफ़ग़ानिस्तान के नांगरहार प्रांत में सरकार हिंदू और सिख बच्चों के लिए अलग से पढ़ाई की व्यवस्था कराने जा रही है.
यहां हिंदू और सिख अल्पसंख्यकों ने शिकायत की थी कि उनके बच्चों की पढ़ाई दांव पर लगी है. उनका कहना था कि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच धार्मिक फासला ज़्यादा है. ऐसे में क्लासरूम में इन बच्चों को पढ़ाई में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
इसलिए सरकार ने फ़ैसला किया है कि नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में अब हिंदू और सिखों के बच्चों के लिए अलग स्कूल होगा. हालांकि जलालाबाद में हिंदू और सिखों की ज़्यादा आबादी नहीं है. नांगरहार के गर्वनर गुलाब मंगल ने इस स्पेशल स्कूल का शिलान्यास किया है. उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में इस स्कूल में पढ़ाई शुरू हो जाएगी.
अल्पसंख्यक समुदाय ने बैसाखी त्योहार पर सरकार के इस तोहफे का स्वागत किया है. हिंदू और सिख परिवारों की सरकार से लंबे समय से शिकायत थी कि उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में सताए जाते हैं. पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में सिखों और हिंदुओं के बच्चों के लिए अलग से स्कूल नहीं होने के कारण अशिक्षा की शिकायत तेजी से बढ़ रही थी.
जलालाबाद में कुछ दशक पहले तक हज़ारों हिंदू और सिख परिवार रहते थे. हालांकि अब यह संख्या 150 परिवारों तक ही सिमटकर रह गई. बीबीसी से आठ साल के एक सिख बच्चे ने कहा कि यहां के सरकारी स्कूल में सिख बच्चों को परेशान किया जाता है.