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ब्लॉ़ग: अकबर के ज़माने में प्राइवेट टीवी चैनल होते तो?
- Author, वुसतुल्लाह ख़ान
- पदनाम, पाकिस्तान से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
- प्रकाशित
ज़रा सोचिए वो दुनिया कितनी बेरंग फ़ीकी और बोरिंग होती होगी जिसमें ना मीडिया, ना नेता, ना अपोज़िशन, ना लोकतंत्र का टंटा.
ख़बर सिर्फ़ बादशाह का फ़रमान हुआ करता था और मीडिया वो जो ढिंढोरची कहता था - 'सुनो सुनो सुनो... शाहे आलम की जय हो. इस बरस लगान आधा कर दिया गया है. सुनो सुनो सुनो... कल महाराज की सवारी आपकी बस्ती से गुज़रेगी... इत्यादि, इत्यादि.'
ये जो बादशाह और राजा महाराजा 25-50 वर्ष हुकूमत कर जाते थे और सिर्फ़ यमराज ही उनसे त्यागपत्र ले सकता था, क्या आज ऐसा मुमकिन है?
आपका क्या ख़्याल है अगर अकबर के ज़माने में प्राइवेट टीवी चैनल्स होते तो क्या वो पचास वर्ष छोड़ पचास महीने भी निकाल सकता था?
ब्रेकिंग न्यूज़- दाई अंगा ने अकबर को महल में दाखिल होने से रोक दिया.
अभी-अभी सूचना मिली है कि राजा मानसिंह के सेक्रेटरी के घर से शाही ख़जाने के चार अंडे के बराबर हीरे पकड़े गए. महाबली अकबर ने रिपोर्ट तलब कर ली है और एक जांच आयोग बिठाने का हुक्म दे दिया है.
ब्रेकिंग न्यूज़ - राजा बीरबल ने महाबली की पार्टी छोड़ बैरम खां की जनार्दन पार्टी ज्वाइन कर ली है.
अकबर ने चुनाव आयोग को मुल्ला दो-प्याज़ा के ज़रिए याचिका भिजवाई है जिसमें कहा गया है कि बीरबल की दरबारी सीट कैंसिल कर के उपचुनाव का हुक्म दिया जाए.
ब्रेकिंग न्यूज़- महाबली अकबर ने शहज़ादा सलीम स्कैंडल का फ़ैसला सुनाते हुए अनारकली को दीवार में चुनवाने का हुक्म दिया है.
आइए इस हुक्म के बारे में जनता के विचार जानते हैं... जी आप महाबली के इस हुक्म को कैसे देखते हैं?
'ये सरासर मानव अधिकारों का उल्लघंन है.'
आप क्या कहते हैं?
'भइया अनारकली ग़रीब की बेटी है इसीलिए उसकी कोई सुनवाई नहीं है, न्याय तो ये होता कि शहज़ादा सलीम को भी अनारकली के साथ... क्या कहते हैं कि... चुनवाए जाने का हुक्म दिया जाता.'
'हम तो ये कहेंगे कि दोषी ना अनारकली है ना ही शहज़ादा सलीम. जब तक निज़ाम नहीं बदलेगा इसी तरह के फ़ैसले होते रहेंगे. चेहरे नहीं समाज को बदलो... इंकलाब ज़िंदाबाद.'
आइए सीधे चित्तौड़ चलते हैं जहां के महाराजा अनारकली के मुद्दे को लेकर कोई प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने वाले हैं.
इन दिनों पाकिस्तान में यही हाल है.
पनामा लीक्स के अदालती फ़ैसले के बाद सियासी पार्टियों और मीडिया के पास ख़बरों का अकाल है, इसीलिए अब इस पे गुज़ारा है कि सज्जन जिंदल पाकिस्तान क्यों आए, क्या उनके पास वीज़ा था. इमरान ख़ान को शहबाज़ शरीफ़ की तरफ़ से दस अरब रुपयों की पेशकश किसने की. डॉन लीक्स की जांच रिपोर्ट की ख़बर किसने लीक की. जमाते इस्लामी की कराची के मसाइल पर गवर्नर हाउस के सामने धरना.
आज पाकिस्तान के शहरों में आठ से 12 घंटे और गांव में 16 से 20 घंटों की लोडशेडिंग रही... मगर ये कोई ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं.
इस्लामाबाद में एक चैनल के म्यूज़िकल शो में स्टेज गिर जाने से डेढ़ सौ के लगभग लोग ज़ख्मी हो गए... मगर ये कोई ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं.
शुमाली वज़ीरिस्तान में अमरीकी ड्रोन हमला... मगर ये कोई ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं.
आइए आपको सीधे मौलाना फ़ज़लुर्रहमान की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में लिए चलते हैं जहां वो कोई अहम एलान करने वाले हैं.
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