आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
डीएनए डिटेक्टिव ऐसे ढूंढ़ते हैं बिछड़ों को
- Author, जो एडनिट, जॉन हैरिसन
- पदनाम, विक्टोरिया डर्बीशायर प्रोग्राम
- प्रकाशित
'डीएनए डिटेक्टिव' की मदद से 61 साल पहले सिनेमा हॉल के बाथरूम में छोड़ दिए गए एक व्यक्ति हाल में अपने रिश्तेदारों से मिले. आख़िर ये डीएनए डिटेक्टिव हैं कौन और ये क्या करते हैं?
जूलिया बेल ने विक्टोरिया डर्बीशायर प्रोग्राम के बताया कि "मैं इसे ऐसे बताऊंगी- मैं कोई भी तिजोरी खोल सकती हूं, कुछ लोग इसमें अधिक वक्त लेते हैं."
जूलिया उन लोगों की मदद करती हैं- जिनमें से कईयों को पता नहीं होता कि उनके माता-पिता या भाई-बहन कौन हैं और वो सालों पहले अपने बिछड़े रिश्तेदारों की खोज में हैं.
हाल में जूलिया ने रॉबर्ट वेस्टन की मदद की जो 1956 में बिर्मिंघम में ओडियन सिनेमा के महिलाओं के लिए शौचालय में मिले थे. उन्होंने उनके सौतेले भाईयों और बहन को ढूंढ़ निकाला.
वो कहती हैं, उनके पास आए अधिकतर मामले अमरीकी सैनिकों से जुड़े होते हैं जो दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन में थे.
जूलिया कहती हैं "एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था. उन्हें महीने भर पहले पता चला कि उनके पिता अमरीकी सेना में थे."
वो कहती हैं, "जैसा लोग सोचते हैं उसे अलग अधिकतर बच्चों के पिता अमरीकी सैनिक थे."
फिलहाल जूलिया एक महिला की मदद कर रही हैं जिन्हें जन्म के बाद लंदन के किंग्स क्रॉस रेल स्टेशन पर छोड़ दिया गया था. वो एक और मामले में 1928 में ट्रेन में छोड़ी गई एक बच्ची के मामले में भी रिश्तेदार ढूंढ़ने में मदद कर रही हैं.
कैसे काम करते हैं डीएनए डिटेक्टिव?
जूलिया बताती हैं, "मैं थूक का डीएनए सैंपल लेती हूं और उसे टेस्ट के लिए भेजती हूं."
इसके बाद शुरू होता है काम तीन डीएनए डेटाबेस में डीएनए टेस्ट से मिले नतीजों से संबंधित जानकारी ढूंढ़ती हूं, ऐसे शुरू होता है जासूसी का काम.
वो डेटाबेस में मिलते-जुलते डीएनए पैटर्न्स ढूंढ़ती हैं. जूलिया फिलहाल इस काम के लिए अपने क्लाइंट्स से पैसे नहीं लेतीं.
इसके बाद वो दुनिया भर में मौजूद अपने जान-पहचान के लोगों से संपर्क कर रिश्तेदारों को (चाहे वो जहां कहीं भी हों) का पता लगाने और पहचानने का काम करती हैं.
रॉबर्ट वेस्टन ने जब जूलिया से संपर्क किया था उन्होंने कहा था, "मैं काफ़ी लंबे वक्त से उन्हें ढूंढ़ने का नाकाम कोशिश कर रहा हूं, कुछ 44 सालों से."
जूलिया ने उनके थूक का सैंपल ले कर डीएनए टेस्ट किया और फिर डेटाबेस में ढूंढ़ना शुरू किया. वो कहती हैं, "लगभग हर किसी के लिए यहां कोई ना कोई तो मिलेगा- चचेरे रिश्तेदर या कोई और."
पहले तो दूर के रिश्तेदारों के पैटर्न्स मैच हुए लेकिन फिर उन्हें दूसरे चचेरे भाई का पैटर्न्स मिला.
रॉबर्ट कहते हैं, "उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मेरे कोई कज़न हैं. मैंने उनके एक नाम बताया 'टॉमी'. वो टेस्ट के लिए राज़ी हो गए और हमें पता चला कि वो मेरे सौतेले भाई हैं."
रॉबर्ट कहते हैं, "इसके लिए आपको लकी होना चाहिए."
कभी-कभी काफी पुराने रिश्तों के ढूंढ़ने में भी मदद मिलती है. परिवारों को ढूंढ़ने के लिए काम करने वाली सैल्वेशन आर्मी ने भी 80 साल से अधिक समय से बिछड़े परिवारों को मिलाने की कोशिश कर रहा है.
उनका कहना है कि हर दिन वो करीब 10 परिवारों को मिलाते हैं और उनकी सफलता की दर 89 फीसदी है.
मदद मांगने वालों की पहचान गोपनीय रखने के लिए सैल्वेशन आर्मी वादा करता है वो मंज़ूरी ना मिलने तक किसी भी जानकारी साझा नहीं करेगा.
जूलिया का कहना है कि अमूमन सारे मामले सुलझा लिए जाते हैं लेकिन कुछ मामले होते हैं जो नहीं सुलझ पाते.
लेकिन इसके बावजूद एक व्यक्ति को कम से कम उसकी जातीयता का तो पता चल ही जाता है. और इसके साथ ही डीएनए डेटाबेस भी बढ़ता जाता है और अनजान लोगों के रिश्तेदारों को खोज निकालने की संभावना भी.
संवंदनशील मामले
जूलिया ने जेनेटिक्स की पढ़ाई नहीं की है लेकिन उनका कहना है कि डेटा के साथ काम करने के लिए आपको 'स्मार्ट और तार्किक' होना चाहिए.
वो कहती हैं, "मुझे विज्ञान की जानकारी है क्योंकि मैं सिंगापुर में पढ़ाया करती थी."
वो कहती हैं, "मेरी मां को नहीं पता था कि उनके पिता कौन हैं और मैंने उनके पिता को ढूंढ़ निकालने में मदद की. बस इस तरह मैं इस काम को करने लगी."
"मैंने अमरीका में एक व्यक्ति को ढूंढ़ा जो परिवारों की जड़ों को खोजने का काम करते हैं. उन्होंने मुझे बताया कि ये काम कैसे किया जाता है."
"उन्होंने मुझे पैटर्न्स देखना सिखाया और बताया कि कैसे चीज़ों को एक साथ रख कर देखा जता है. मैंने देखा कि मैं इस काम में अच्छी थी."
"मेरी मां को पता चला कि उनके पिता चार साल पहले ही मर गए थे. लेकिन उनकी एक बहन हैं जो अपने परिवार के साथ दक्षिण अमरीका में रहती हैं. वो उनके साथ संपर्क में हैं."
जूलिया मानती हैं कि लोग अक्सर अपने ऐसे बिछड़े रिश्तेदारों को ढूंढ़ने के लिए उत्साहित होते हैं जिनसे वो कभी मिले ही नहीं, लेकिन छोड़ दिए गए बच्चों के मामले 'संवेदनशील' होते हैं.
हमेशा मैं इसकी ख़बर नहीं देती हूं, कई बार सामाजिक कार्यकर्ता इसकी ख़बर देते हैं.
दूर के रिश्तेदार चाहें उनकी परवरिश कितनी भी अलग क्यों ना हो, उनकी आदतें और दिलचस्पी अक्सर एक जैसे होते हैं.
वो कहती हैं, "एक बार मैंने दो लोगों को मिलवाया, वो दोनों खगोलशास्त्री निकले."
"रॉबर्ट और उनके सौतेले भाई टॉमी का सेंस ऑफ़ ह्यूमर एक जैसा है. ये ऐसा था जैसे वो दोनों एक दूसरे को असरे से जानते हों."
(आप सोमवार से शुक्रवार को 09.00 से 11.00 के बीच बीबीसी टू और बीबीसी न्यूज़ चैनल पर विक्टोरिया डर्बीशायर प्रोग्रामदेख सकते हैं.)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)