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'उत्तर कोरिया ने मेरे बेटे को तड़पा-तड़पाकर मारा'
अमरीकी छात्र ऑटो वॉर्म्बियर के उत्तर कोरिया से वापस लौटने पर उनके पिता ने उनकी खौफ़नाक हालत के बारे में बताया है.
फ्रेड और सिंडी वॉर्म्बियर ने 'फ़ॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिए इंटरव्यू में कहा कि उत्तर कोरिया के लोग 'टेररिस्ट' हैं जिन्होंने उनके बेटे को बुरी तरह प्रताड़ित किया.
अमरीकी छात्र ऑटो वॉर्म्बियर को 2016 में उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के एक होटल का लोगो चुराने के आरोप में जेल भेज दिया गया था.
ख़राब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए ऑटो को बीते जून में रिहा किया गया था. वे गंभीर रूप से ज़ख़्मी हालत में घर लौटे और कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई थी.
उत्तर कोरिया का इनकार
उत्तर कोरिया वॉर्म्बियर के साथ किसी भी तरह की बदसुलूकी से इंकार करता रहा है.
किम जोंग-उन की सरकार ने कहा कि जेल के दौरान वो फ़ूड प्वॉइजनिंग (बोट्युलिज़्म) का शिकार हो गए थे, लेकिन अमरीकी डॉक्टरों ने इस बात से इंकार किया है.
बेटे की मौत के बाद उनके पिता ने फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनको लगता है कि सच बताया जाना चाहिए.
अमरीकी डॉक्टरों ने ऑटो की स्थिति के बारे में बताया कि वो जगे हुए तो थे पर वो कोई रिस्पॉन्स देने की स्थिति में नहीं थे.
ऑटो की हालत
वॉर्म्बियर ने कहा कि जब उन्होंने अपने बेटे को देखा तो वो हिंसक तरीके से व्यवहार कर रहा था. वो अजीब तरह से बातें कर रहा था और गरज रहा था.
उन्होंने कहा, "ऑटो का सिर मुंडा हुआ था. मेरा बेटा न कुछ देख रहा था और न ही सुन पा रहा था. उसके हाथ और पैर पूरी तरह से विकृत हो गए थे. उसके पैर पर गहरे ज़ख्म के निशान थे."
वॉर्म्बियर ने कहा, "यह कोई दुर्घटना नहीं थी. किम और उनके लोगों ने ऑटो को गंभीर रूप से घायल करने के मक़सद से प्रताड़ित किया था. उत्तर कोरिया ने उसे वापस घर इसलिए भेजा क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि ऑटो की मौत उनकी ज़मीन पर हो."
'बेहतरीन इंटरव्यू'
ऑटो के परिवार ने उनका पोस्टमॉर्टम करने नहीं दिया था.
उनके परिवार का कहना था कि वो पहले ही बहुत अत्याचार सह चुके थे और वो अपनी आंखों से उन्हें ओझल नहीं होने देना चाहते थे.
ऑटो की मां सिंडी वॉर्म्बियर ने लोगों के साथ ये कसम ली है कि वे कभी भी उत्तर कोरिया नहीं जाएंगी. अमरीका ने भी अब उत्तर कोरिया जाने पर पाबंदी लगा दी है.
हालांकि अमरीका के एक स्थानीय अख़बार ने वॉर्म्बियर के आरोपों पर असहमति जताई है.
'द सिनसिनाटी इंक्वेरर' ने जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा कि ऑटो के शरीर पर मामूली ज़ख्म थे और उन्हें प्रताड़ित नहीं किया गया था.
अख़बार ने हैमिल्टन काउंटी कॉर्नर के हवाले से लिखा है कि ऑटो के दांत स्वास्थ्य थे और उनकी मौत दिमाग़ को ऑक्सीजन की कमी से हुई थी.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर फ़ॉक्स एंड फ़्रेंड्स के इंटरव्यू को 'बेहतरीन' बताया है.
उन्होंने लिखा है, "उत्तर कोरिया ने ऑटो को उम्मीद से अधिक प्रताड़ित किया था."
उनके ट्वीट दोनों देशों के बीच चल रही तल्ख़ी को बढ़ा सकती है. ट्विटर पर दोनों देश के नेताओं के बीच आरोपों और धमकी का सिलसिला चल रहा है.
दोनों देश एक-दूसरे को सीधे पर परमाणु हमले की धमकी दे चुके हैं.
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