आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
एक तरबूज के चलते 50 करोड़ रुपए देने का आदेश
वॉलमार्ट से तरबूज लेते वक़्त ज़ख़्मी हो जाने के कारण एक व्यक्ति को जूरी ने क़रीब 50 करोड़ रुपये (7.5 मिलियन डॉलर) देने को कहा है.
यह मामला अमरीका के अलबामा राज्य का है. जुलाई 2015 में हेनरी वॉल्कर का पैर लकड़ी की पट्टियों में फंस गया था. ऐसा फल ख़रीदने के दौरान हुआ था.
तब वॉल्कर की उम्र 59 साल हो रही थी. उन्होंने इस मामले में फेनिक्स सिटी कोर्ट में कहा था कि वो गिर गए थे. वॉल्कर ने कहा कि इसमें उनकी कमर और पैर टूट गए थे. दूसरी तरफ़ वॉलमार्ट का कहना है उसके स्टोर में डिसप्ले बिल्कुल सुरक्षित था और वो उसमें कोई बदलाव नहीं करने जा रहा है.
वॉलमार्ट का कहना है कि वो जूरी के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेगा. वॉल्कर एक रिटायर्ड आर्मी हैं. जूरी ने 25 लाख डॉलर मुआवजे में और 50 लाख डॉलर सज़ा के तौर पर देने के लिए कहा है. वॉल्कर के वक़ील ने कहा कि यह बिल्कुल सही फ़ैसला है क्योंकि वॉलमार्ट ने इस मामले की उपेक्षा की है.
वॉल्कर के वक़ील ने कहा, ''वॉलमार्ट ने लकड़ी के पट्टियों को असुरक्षित तरीक़े से रखा था. इसमें किसी के भी पैर फंस सकते हैं. जूरी ने इस बात को तवज्जो दी कि वॉल्कर पहले एक हफ़्ते में तीन बार बास्केटबॉल खेलते थे, लेकिन अब वो नहीं खेल पाते हैं.''
वॉलमार्ट का कहना है कि उसके डिसप्ले में कोई दिक़्क़त नहीं थी और पूरे अमरीका में इसी डिसप्ले का इस्तेमाल करता है. वॉलमार्ट का कहना है कि वॉल्कर का ज़ख़्मी होना उनकी अपनी लापरवाही से हुई है.