आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
अपने परमाणु परीक्षण स्थल ध्वस्त करेगा उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया का कहना है कि वो दो सप्ताह के भीतर विदेशी पत्रकारों की मौजूदगी में अपने परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करना शुरु करेगा.
शनिवार को उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी केसीएनए ने ख़बर दी कि उत्तर कोरिया ने कहा है कि वो 23 से 25 मई के बीच में इन स्थलों को ख़त्म करने के लिए "तकनीकी कदम" उठा रहा है.
इससे पहले बीते साल सितंबर में वैज्ञानिकों से कहा था कि देश के परमाणु परीक्षण स्थल का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया है.
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की मुलाकात से करीब तीन सप्ताह पहले उत्तर कोरिया इस काम को अंजाम दे देगा.
कैसे तोड़ा जाएगा पुंगेरी?
पुंगेरी पर्वत में मौजूद परमाणु स्थल को ध्वस्त करने की सही तारीख मौसम पर निर्भर करेगी क्योंकि इस दिन विस्फोटकों के इस्तेमाल से सभी सुरंगों को तबाह किया जाएगा. इससे पहले वहां मौजूद निगरानी व्यवस्था, शोध व्यवस्था और सुरक्षा चौकियों को भी हटाया जाएगा.
इस महत्वपूर्ण तारीख का गवाह बनने के लिए दक्षिण कोरिया, रूस, अमरीका, चीन और ब्रिटेन से पत्रकारों को भी बुलाया जाएगा.
शनिवार को उत्तर कोरिया ने एक बयान जारी कर कहा "हमारी मंशा है कि इस जगह को हम नष्ट कर रहे हैं और ये पारदर्शी तरीके से किया जाएगा. यही दिखाने के लिए हम स्थानीय प्रेस के साथ विदेशों से भी पत्रकारों को बुलाएंगे ताकि वो इसे देख सकें."
ट्रंप और किम जोंग-उन की मुलाक़ात 12 जून को सिंगापुर में होनी तय है. दोनों के लिए एक दूसरे से मुलाक़ात का ये पहला मौक़ा होगा.
माना जा रहा है कि इस मुलाक़ात के दौरान उत्तर कोरिया के हथियारों के कार्यक्रम के संबंध में बात होगी. अमरीका चाहता था कि मुलाक़ात से पहले उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाए.
कहां करता है उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण?
उत्तर कोरिया ने साल 2006 से ले कर अब तक कुल 6 परमाणु परीक्षण किए हैं और माना जाता है हर बार उसने इसके लिए पुंगेरी पहाड़ी में बनी एक जगह का इस्तेमाल किया है.
माना जाता है कि उत्तर कोरिया के उत्तर-पूर्व की पहाड़ियों में मौजूद ये जगह परमाणु परीक्षण के लिए देश की सबसे महत्वपूर्ण जगह है और दुनिया का एकमात्र एक्टिव परमाणु परीक्षण जगह भी है.
पुंगेरी के पास माउंट मनटाप के नीचे बनी सुरंगों में परमाणु परीक्षण करता है.
तीन सितंबर को हुए परीक्षण से पहले अगस्त में सैटलाइट से मिली तस्वीरों के अधार पर कुछ जानकारों का कहना था कि इस जगह को परीक्षण के लिए तैयार किया जा रहा था.