आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
अमरीका में बेरोज़गारी 50 साल के सबसे निचले स्तर पर
अमरीका में बेरोज़गारी दर बीते पचास साल में सबसे कम हो गई है और ट्रेड वॉर और मंदी की आशंकाओं के बीच यह अमरीकी अर्थव्यवस्था के लिए राहत की ख़बर है.
अमरीकी श्रम मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अमरीका में बेरोज़गारी का आंकड़ा बीते सितंबर महीने में 3.7 फ़ीसदी से गिरकर 3.5 फ़ीसदी पर पहुंच गया है.
बीते महीने 1.36 लाख नई नौकरियों का सृजन हुआ है. वहीं अगस्त में भी नई नौकरियां पैदा होने के आंकड़े को संशोधित करते 1.30 लाख से 1.68 लाख कर दिया गया है.
ये आंकड़े ऐसे वक्त में आए हैं जब लगातार ऐसी रिपोर्टें आ रही हैं कि अमरीका की आर्थिक स्थिति कमज़ोर हो रही है.
विनिर्माण के क्षेत्र में सितंबर में दस साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली तो वहीं सर्विस सेक्टर में आई सुस्ती 2016 के स्तर पर पहुंच गई है.
इस बात की आशंका जताई जा रही है कि बीते 15 महीनों से चीन के साथ ट्रंप प्रशासन का चल रहा ट्रेड वॉर अब अमरीकी अर्थव्यवस्था पर अपने निशान छोड़ रहा है. इस ट्रेड वॉर की वजह से दुनिया के अन्य कई देश भी आर्थिक सुस्ती का सामना कर रहे हैं.
ब्याज़ दरों में कटौती
अमरीका और चीन के बीच इस ट्रेड वॉर ने कारोबारियों के आत्मविश्वास को तहस-नहस कर दिया है और इससे निवेश और विनिर्माण को भारी चोट पहुंच रही है.
नए रोज़गार में लगातार सुस्त रफ़्तार और बेरोज़गारी दर में तेज़ी से हो रही गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था के कई जानकारों का मानना है कि फेडरल रिज़र्व (अमरीकी रिज़र्व बैंक) को एक बार फिर ब्याज़ दरों में कटौती करनी पड़ सकती है.
अमरीकी रिज़र्व बैंक बीते तीन महीनों में दो बार ब्याज़ दरों में कटौती कर चुका है. जुलाई में की गई कटौती 2008 के बाद की गई पहली कटौती थी जबकि महज दो महीने बाद ही यानी सितंबर में उसे एक बार फिर ब्याज़ दरों में कटौती करनी पड़ी.
सितंबर के महीने में जितनी संख्या में नौकरियों का सृजन हुआ है वो इस साल के औसत 1.61 लाख से कम है लेकिन जानकारों के मुताबिक अमरीका में कामकाजी जनसंख्या में बढ़ोतरी के अनुपात में हर महीने कम से कम एक लाख नौकरियों के सृजन की ज़रूरत है ताकि बढ़ती कामकाजी आबादी को रोज़गार के मौके मिलते रहें.
अगस्त के महीने में दो हज़ार कर्मचारियों को रखने के बाद बीते महीने विनिर्माण क्षेत्र में दो हज़ार नौकरियों की कटौती हुई जो कि मार्च के बाद हुई पहली गिरावट है.
इस क्षेत्र को ट्रेड वॉर का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ा है.
इसी हफ़्ते अमरीका ने यूरोपीय संघ से आयातित विमानों, अन्य औद्योगिक उत्पादों और कृषि उत्पादों पर टैरिफ लगाने की घोषणा भी की है. अमरीका में बेरोज़गारी दर घटकर 50 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. इन कमज़ोर आंकड़ों के साथ ही अब मंदी की चिंताएं बढ़ गई हैं.
बाज़ार के लिए चिंता का कारण क्या है?
इस हफ़्ते की शुरुआत में कुछ आर्थिक सर्वेक्षणों के बाद शेयर बाज़ार में गिरावट आई थी.
भले ही विनिर्माण सेक्टर अमरीकी इकोनॉमी का सबसे कमजोर पक्ष रहा है, लेकिन सर्विस सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत दिख रहा है.
कैपिटल इकोनॉमिक्स के चीफ़ इकोनॉमिस्ट नील शियरिंग कहते हैं, "आप इस विषमता को देख रहे हैं, विनिर्माण बेहद कमज़ोर दिख रहा है लेकिन सर्विस सेक्टर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है, कुल मिलाकर यह बेहद लचीला है."
हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुल मिलाकर यह दिख रहा है कि बीते तीन सालों की यह सबसे सुस्त विकास दर है.
वो कहते हैं, "सवाल यह है कि बेशक विनिर्माण सेक्टर में कमज़ोरी दिख रही है लेकिन सर्विस सेक्टर में मजबूती दिख रही है, लिहाजा अमरीकी अर्थव्यवस्था मंदी से बच सकती है."
लंदन में डॉयचे बैंक के एक आर्थिक रणनीतिकार जिम रीड ने कहा कि पश्चिमी देशों में अमरीका आज भी व्यापार की 'एक बेहद आकर्षक' जगह है, जिसकी इकोनॉमी हर साल लगभग 2% से 2.5% की दर से बढ़ रही है, जबकि यूरोप में यह विकास दर महज 0.5% या 0% है.
क्या यह सिर्फ अमरीका की समस्या है?
शियरिंग कहते हैं कि विनिर्माण क्षेत्र पूरी दुनिया में अपने सबसे कमज़ोर स्तर पर है.
वे कहते हैं, "मूल बात यह है कि इस साल मई से अमरीका और दुनिया भर में विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़े बहुत भयावह आए हैं."
"लेकिन अब अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में विनिर्माण पर कम निर्भर है. उदाहरण के लिए, अमरीका में, यह समूची अर्थव्यवस्था का लगभग 12% ही है."
वे कहते हैं, "हम मानते हैं कि अर्थव्यवस्था का मतलब विनिर्माण है लेकिन वास्तव में वर्तमान समय में यह स्वास्थ्य, रिटेल और छुट्टियों में घूमने जाने के बारे में ज़्यादा है."
अमरीकी अर्थव्यवस्था क्यों इतना मायने रखती है?
अमरीका अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, अगर यह धीमी हो जाती है तो बाकी दुनिया में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बन जाती है.
अगर अमरीका पर मंदी की मार पड़ेगी तो पूरी दुनिया का इससे अछूता रह पाना असंभव होगा.
शियरिंग कहते हैं कि यह केवल इसके आकार को लेकर नहीं है, "व्यापार घाटा बता रहा है कि अमरीका जितना उत्पादन करता है उससे अधिक उसकी खपत करता है. अगर यह धीमा हो जाता है, तो इसका असर तो पड़ेगा ही."
क्या अमरीकी फिर ब्याज दरों में कटौती करेगा?
फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन जे पॉवेल पर ब्याज दरों में कटौती को लेकर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का दबाव है.
बीते महीने, फेडरल रिज़र्व ने इस साल दूसरी बार ब्याज़ दरों में कटौती की. ब्याज़ दरों में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद यह 1.75% और 2% के बीच आ गया है.
अमरीकी बाज़ार साल के अंत से पहले एक बार फिर कटौती की उम्मीद कर रहा है.
ये भी पढ़ेंः
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)