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बेरूत धमाका: अमोनियम नाइट्रेट क्या है और यह कितना ख़तरनाक है?
- Author, टॉम एडिंगटन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
छह साल पहले लेबनान की राजधानी बेरूत के तट पर एक ज़ब्त किये गए जहाज़ से तक़रीबन तीन हज़ार टन अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था.
तभी से ये अमोनियम नाइट्रेट बंदरगाह के पास एक वेयरहाउस में रखा था.
मंगलवार की शाम अमोनियम नाइट्रेट के इसी जखीरे में धमाका हुआ और देखते ही देखते दर्जनों लोगों की जान चली गई. इस घटना में क़रीब चार हज़ार लोग घायल भी हुए.
राष्ट्रपति माइकल इयोन ने ट्वीट कर कहा, "ये बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है कि 2750 टन विस्फोटक नाइट्रेट असुरक्षित तरीक़े से स्टोर कर रखा गया था. धमाका कैसे हुआ इसकी जाँच अभी जारी है."
ऐसे में सवाल उठता है कि अमोनियम नाइट्रेट आख़िर चीज़ क्या है और ये इतना ख़तरनाक क्यों है?
अमोनियम नाइट्रेट क्या है?
अमोनियम नाइट्रेट सफ़ेद रंग की रवेदार चीज़ होती है जिसका औद्योगिक स्तर पर बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है.
इसका सबसे बड़ा इस्तेमाल नाइट्रोजन के स्रोत के रूप में ऊर्वरक के लिए होता है.
लेकिन इसके साथ ही खनन उद्योग के लिए विस्फोटक तैयार करने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लंदन में केमिस्ट्री के प्रोफ़ेसर आंद्रे सेला कहते हैं, "ये ज़मीन पर यूँ ही नहीं मिलता है, क्योंकि ये एक सिंथेटिक किस्म की चीज़ है जो अमोनिया और नाइट्रिक एसिड की प्रतिक्रिया से तैयार किया जाता है."
अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन दुनिया भर में होता है और ख़रीदने के लिहाज से ये सस्ता पड़ता है.
लेकिन इसे स्टोर करना एक समस्या हो सकती है. अतीत में अमोनियम नाइट्रेट की वजह से कई बड़ी और गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं.
अमोनियम नाइट्रेट कितना ख़तरनाक है?
प्रोफ़ेसर आंद्रे सेला बताते हैं कि 'अपने आप में अमोनियम नाइट्रेट से कोई ख़तरा नहीं है. इसे हैंडल करना तुलनात्मक रूप से सुरक्षित है. लेकिन अगर आपके पास अमोनियम नाइट्रेट की बड़ी मात्रा लंबे समय के लिए यूँ ही पड़ी रहे तो ये ख़राब होना शुरू हो जाता है.'
आंद्रे सेला कहते हैं, "असली दिक्कत तब आती है जब लंबे वक़्त के लिए स्टोर करने पर ये वातावरण की नमी सोखने लगता है और आख़िर में ये एक बड़ी सी चट्टान में बदल जाता है."
यही अमोनियम नाइट्रेट को बेहद ख़तरनाक बना देता है क्योंकि अगर वो आग के संपर्क में आया तो ज़बरदस्त रासायनिक प्रतिक्रिया की संभावना बन जाती है.
आसमान में मशरूम जैसे बादल क्यों बनते हैं?
बेरूत में हुए बम धमाकों के दौरान दुनिया ने आग से धुएं की एक बड़ी लहर को उठते देखा. फिर धमाके हुए और उसके बाद आसमान में मशरूम यानी कुकुरमुत्ते जैसे बादल दिखने लगे.
आंद्रे सेला बताते हैं, "धमाके की तेज़ आवाज़ हुई और आप देख सकते थे कि सफेद बादलों का एक घेरा ऊपर की तरफ़ उठने लगा. ये शॉक वेव कम्प्रेस्ड एयर से पैदा होता है."
"ये हवा तेज़ी से फैलती है और फिर अचानक ठंडी हो जाती है जिससे आसपास की नमी एक जगह जमा हो जाती है, बादल इसी से बनते हैं."
धमाके से बनने वाली गैस कितनी ख़तरनाक है?
जब अमोनियम नाइट्रेट में धमाका होता है तो इससे नाइट्रोजन ऑक्साइड और अमोनिया जैसी जहरीली गैसें निकलती हैं.
नारंगी रंग का धुआँ नाइट्रोजनडायक्साइड की वजह से पैदा होता है. इसे अक्सर वायु प्रदूषण से जोड़ा जाता है.
प्रोफ़ेसर सेला बताते हैं, "अगर धमाके की जगह पर तेज़ हवा ना हुई तो आसपास के लोगों को बड़ा ख़तरा हो सकता है."
क्या इसका इस्तेमाल बम बनाने में होता है?
ज़बरदस्त धमाके की ताक़त रखने वाले इस केमिकल कम्पाउंड (रासायनिक यौगिक) का इस्तेमाल दुनिया भर की सेनाएं विस्फोटक के तौर पर करती हैं.
चरमपंथी गतिविधियों में भी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाता रहा है.
साल 1995 में अमरीका के ओक्लाहोमा सिटी में हुए बम धमाकों में अमोनियम नाइट्रेट का कहर दुनिया ने देखा था.
इस घटना में टिमोथी मेकवे ने दो टन अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल करके एक ऐसा बम तैयार किया था जिससे एक फ़ेडरल बिल्डिंग उड़ा दी गई. उस धमाके में 168 लोगों की मौत हो गई थी.
क्या कभी और भी ऐसा हुआ?
साल 1921 में जर्मनी के ओप्पाउ शहर में अमोनियन नाइट्रेट के कारण एक कारखाने में धमाका हुआ था.
उस वक़्त अमोनियम नाइट्रेट की मात्रा 4500 टन थी और दुर्घटना में 500 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
अमरीका के इतिहास की सबसे जानलेवा औद्योगिक दुर्घटना साल 1947 में टेक्सास के गालवेस्टन बे में हुई थी.
बंदरगाह पर खड़े एक जहाज में 2000 टन अमोनियम नाइट्रेट की मात्रा रखी हुई थी और इसमें विस्फोट हो गया. उस हादसे में कम से कम 581 लोग मारे गए थे.
साल 2015 में चीन के तियानजिन बंदरगाह पर अमोनियम नाइट्रेट से जुड़ी एक दुर्घटना में 173 लोग मारे गए थे.
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