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पाकिस्तान: इमरान ख़ान के 'छोटे कपड़ों' वाले बयान पर छिड़ी बहस; चीन, कश्मीर, अमेरिका, अफ़ग़ानिस्तान पर भी बोले
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान इन दिनों का एक इंटरव्यू को लेकर सुर्खियों में हैं जिसमें उन्होंने अमेरिका, चीन, अफ़ग़ानिस्तान, कश्मीर से लेकर महिलाओं के छोटे कपड़ों के बारे में भी अपनी राय ज़ाहिर की.
इमरान ख़ान ने ये इंटरव्यू 'एचबीओ एक्सिओस' को दिया. इंटरव्यू कर रहे जोनाथन स्वॉन ने इमरान ख़ान से पाकिस्तान में बलात्कार पीड़िता को ही कसूरवार ठहराए जाने के चलन के बारे में भी सवाल पूछा.
इस पर इमरान ख़ान ने जवाब दिया कि "अगर कोई महिला बहुत कम कपड़े पहनती है, तो इसका असर मर्द पर पड़ेगा."
इमरान ने इस इंटरव्यू में अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा , "पाकिस्तान कभी भी संयुक्त राज्य अमेरिका को अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य कार्रवाई के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं देगा."
वीगर मुसलमानों के बारे में पूछे जाने पर इमरान ने कहा, "चीन के साथ हमारी बातचीत हमेशा बंद दरवाज़ों के पीछे होगी."
कश्मीर मुद्दे पर इमरान ख़ान ने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने में अमेरिका को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.
महिलाओं के कपड़ों पर इमरान की टिप्पणी
इमरान ख़ान से इस इंटरव्यू में उनसे पर्दा और रेप पीड़ितों पर उनके पुराने बयानों को लेकर सफ़ाई मांगी गई तो उन्होंने कहा कि "यह सभी बेहूदा बातें हैं मैंने सिर्फ़ पर्दा के विचार पर बात की थी. हमारे यहां न ही डिस्को हैं और न ही यहां नाइट क्लब हैं. यह बिलकुल अलग समाज है जहां पर जीने का अलग तरीक़ा है. अगर आप यहां पर प्रलोभन बढ़ाएंगे और युवाओं को कहीं जाने का मौक़ा नहीं होगा तो इसके कुछ न कुछ परिणाम होंगे."
इसके बाद जोनाथन स्वॉन ने इमरान से पूछा कि क्या वो महिलाओं के कपड़े पहनने को लेकर यह बात कर रहे हैं? तो उन्होंने कहा, "अगर यहां पर महिलाएं बहुत छोटे कपड़े पहनती हैं तो इसका असर ज़रूर पुरुषों पर पड़ेगा जब तक कि वो रोबोट न हों."
इमरान ख़ान से जब ये पूछा गया कि क्या वो यह कह रहे हैं कि कपड़े यौन हिंसा को बढ़ावा देते हैं तो उन्होंने कहा कि यह इस चीज़ पर निर्भर करता है कि आप किस समाज में रहते हैं, अगर किसी ने किसी चीज़ को नहीं देखा है तो इसका उस पर प्रभाव ज़रूर पड़ेगा.
जोनाथन ने इमरान से यह भी पूछ लिया कि जब आप क्रिकेट स्टार थे तो आपकी प्लेबॉय की छवि थी इस पर उन्होंने कहा कि 'यह मेरी बात नहीं बल्कि मेरे समाज की बात है. मैं अपने समाज के बार में सोचता हूं कि वो कैसे व्यवहार करे जब हम यौन अपराधों के बारे में सुनते हैं तो हम चर्चाएं करते हैं कि इसको कैसे समाप्त करना है.'
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इसमें कोई शक नहीं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के इंटरव्यू तुरंत सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन जाते हैं, जहां लोग उनके पक्ष और विपक्ष में अपनी राय तो देते हैं.
इमरान ख़ान के इस बयान के बाद विपक्षी नेता, पत्रकार और आम लोग सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना कर रहे हैं.
वहीं, डिजिटल मीडिया पर पीएम के प्रमुख सलाहकार डॉक्टर अरसलान ख़ालिद का कहना है कि एक बार फिर इमरान ख़ान के बयान से इतर चुनिंदा संदर्भों पर ही ट्वीट किया जा रहा है. अरसलान ने कहा कि इमरान ख़ान ने समाज और वहां रहने वाले लोगों की यौन निराशा पर बात की है.
हालांकि, कुछ महीनों पहले इमरान ख़ान ने पाकिस्तान में यौन हिंसा में बढ़ोतरी के लिए अश्लीलता को ज़िम्मेदार ठहराया था.
कानूनी विशेषज्ञ रीमा उमर ने महिलाओं पर उनके बयान के बारे में कहा, "यह निराशाजनक है कि प्रधानमंत्री इमरान खान देश में यौन हिंसा की शिकार महिलाओं को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं."
लेकिन सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की तरफ़ से एक व्यक्ति ने रीमा उमर के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि "वे इस बारे में बात कर रहे थे कि हम किस तरह के समाज में रहते हैं और हमारे समाज में यौन कुंठा है."
कोरोनाः मैं अल्लाह पर विश्वास करता हूँ-इमरान
जोनाथन स्वान ने अमेरिका में कोविड से होने वाली मौतों की तुलना पाकिस्तान से की और इमरान खान से पूछा कि वो वैश्विक महामारी के कारण होने वाली संभावित तबाही को कैसे टालने में कामयाब रहे.
इमरान खान ने जवाब दिया, "मैं अल्लाह पर विश्वास करता हूँ. हम बहुत एहसानमंद हैं. आप कुछ हद तक कार्रवाई कर सकते हैं और बाकी आप पर निर्भर नहीं करता है."
"हमने देखा कि अस्पताल में दाखिले के लिए लोगों की लाइन लग रही थी. कोरोना यूरोप पर कहर बरपा रहा था. स्पेन और इटली के अस्पतालों में जगह नहीं बची थी. सभी राजनेता पूरा तालाबंदी चाहते थे. और हम पूछ रहे थे कि हमारे गरीब लोगों का क्या होगा... आप भूखे लोगों को बंद नहीं कर सकते. हमने तुरंत लॉकडाउन खत्म किया, स्मार्ट लॉकडाउन लगाया."
इमरान खान ने कहा कि देश में कोरोना की स्थिति पर नजर रखने वाली सरकारी एजेंसी को रोजाना जानकारी मिलती है और डॉक्टरों के परामर्श से सिर्फ उन इलाकों को बंद करने का फैसला किया गया है, जहां कोविड फैला हुआ है.
इस्लामोफोबिया पर सवाल
इमरान खान ने मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं को पत्र लिखकर इस्लामोफोबिया के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है.
इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मुस्लिम दुनिया और पश्चिमी समाजों के बीच एक तरह की संवादहीनता की स्थिति है. यह 9/11 के बाद उस वक्त हुआ, जब इस्लामिक आतंकवाद शब्द गढ़ा गया था."
"जब आप इस्लामिक आतंकवाद कहते हैं, तो आम आदमी सोचता है कि इस्लाम में कुछ ऐसा है जो लोगों को आतंकवाद की ओर धकेलता है, या चरमपंथ इस्लाम के कारण है. अगर कुछ मुसलमान आतंकवादी घटनाओं में शामिल होते हैं, तो दुनिया में 1.3 अरब मुसलमान निशाने पर आ जाते हैं."
इमरान खान से पूछा गया कि चीन की सरकार ने पश्चिमी चीन में सीमा पार 10 लाख वीगर मुसलमानों को कैंपों में कैद कर रखा है.
वीगर मुसलमानों का मुद्दा
जोनाथन स्वान ने कहा, "वीगर मुसलमानों को चीन की सरकार प्रताड़ित करती है, जबरन उनकी नसबंदी की गई है, उन्होंने शिनजियांग में मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया है. आप यूरोप और अमेरिका में इस्लामोफोबिया के बारे में बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन चीन में मुसलमानों के साथ जो कुछ हो रहा है, उस पर आप इतने चुप क्यों हैं?"
जवाब में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा, "चीनी सरकार के साथ हमारी बातचीत से पता चला है कि ऐसी कोई बात नहीं है."
इंटरव्यू लेने वाले ने कहा कि इन आरोपों के काफी पुख्ता सबूत हैं, जिस पर इमरान खान ने कहा, ''चीन सरकार से हमें जो भी दिक्कतें हैं, हम उनके बारे में बंद दरवाजों के पीछे बात करते हैं. हमारे मुश्किल समय में चीन हमारा सबसे अच्छा दोस्त रहा है. जब हमारी अर्थव्यवस्था संकट में थी तो चीन हमारी मदद के लिए आगे आया. हम उनका सम्मान करते हैं और बंद दरवाजों के पीछे हमारे मुद्दों पर चर्चा करते हैं."
इमरान खान ने पूछा, "पश्चिमी दुनिया के लिए यह इतनी बड़ी समस्या क्यों है? कश्मीर के लोगों की उपेक्षा क्यों की जाती है?
"एक लाख कश्मीरी मारे गए हैं. (भारत प्रशासित कश्मीर में) 800,000 भारतीय सैनिक तैनात हैं. कश्मीर एक बड़ी जेल है. यहां 90 लाख कश्मीरियों को रखा जाता है. यह समस्या क्यों नहीं है? मुझे लगता है कि यह पाखंड है."
कश्मीर की बात
जोनाथन स्वान ने सवाल पूछा, "चीन आपके लिए एक बड़ा पार्टनर साबित हुआ है, लेकिन क्या आपको किसी भी स्तर पर बुरा नहीं लगता कि वो आपको जो पैसे देते हैं, उसके कारण आपको चुप रहना पड़ता है?"
इमरान खान ने जवाब दिया, "अगर मैं दुनिया को देखता हूं, तो मैं देख सकता हूं कि फलस्तीन, लीबिया, सोमालिया, सीरिया, अफगानिस्तान में क्या हो रहा है. क्या मुझे हर चीज के बारे में बात करना शुरू कर देना चाहिए? मैं इस बात पर ध्यान दूंगा कि मेरे देश की सीमाओं के भीतर क्या हो रहा है."
जोनाथन स्वान ने कहा, "यह आपकी सीमा पर भी हो रहा है."
प्रधानमंत्री ने कहा कि "कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा है, यहां एक लाख लोग मर रहे हैं. मैं इसलिए ज्यादा चिंतित हूं क्योंकि आधा कश्मीर पाकिस्तान में है."
जोनाथन स्वान ने कहा कि शिनजियांग में मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन हो रहा है, जिस पर इमरान खान ने जवाब दिया, "मुझे इस पर विश्वास नहीं है. चीन के साथ हमारी बातचीत में यह बात सामने नहीं आई है."
चीन के साथ बातचीत
जोनाथन स्वान ने सैटेलाइट इमेज का हवाला देते हुए कहा कि जाहिर तौर पर चीनी आपको बताएंगे कि कोई दिक्कत नहीं है.
उन्होंने फिर पूछा, "क्या आपको शिनजियांग के वीगर मुसलमानों की परवाह नहीं है?"
जवाब में इमरान खान ने दोहराया कि "चीन के साथ हमारी बातचीत हमेशा बंद दरवाजों के पीछे होगी."
अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी पर प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि अगर तालिबान अफगानिस्तान में पूरी जीत के लिए सक्रिय होते हैं, तो अफगानिस्तान के बाद पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान होगा.
"अमेरिका की वापसी से पहले अफगानिस्तान में शांति लाने के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत की जरूरत है."
इमरान खान ने कहा, "हम किसी से भी बात करेंगे जो अफगान लोगों का प्रतिनिधित्व करता है."
सीआईए निदेशक का इस्लामाबाद दौरा
इमरान खान ने स्वीकार किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए निदेशक हाल ही में इस्लामाबाद के अघोषित दौरे पर थे. उन्होंने कहा कि वह उनसे नहीं मिले लेकिन आईएसआई प्रमुख ने उनसे मुलाकात की थी.
साक्षात्कारकर्ता ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान में सैन्य अड्डे स्थापित करना चाहता है ताकि वह अफगानिस्तान पर नजर रख सके. यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान इसकी अनुमति देगा, इमरान खान ने कहा, "बिल्कुल नहीं. हम किसी भी हाल में इसकी इजाजत नहीं देंगे. पाकिस्तान के क्षेत्र से अफगानिस्तान में कोई भी गतिविधि... हम इसकी कतई इजाजत नहीं देंगे."
"पाकिस्तान ने अमेरिकी युद्ध में भाग लेकर 70,000 लोगों की जान गंवाई. हम अब अपनी धरती पर सैन्य कार्रवाई बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम शांति में भागीदार होंगे, युद्ध में नहीं."
इमरान खान से पूछा गया कि क्या उन्होंने अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से बात की है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह अभी तक नहीं हुआ है. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, "जब भी उनके पास समय हो, वे मुझसे बात कर सकते हैं, लेकिन जाहिर है कि इस समय उनकी अन्य प्राथमिकताएँ हैं."
भारत-पाकिस्तान संबंध
इमरान खान ने उम्मीद जताई कि कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में अमेरिका को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.
पाकिस्तान में परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ने की आशंका पर प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु हथियारों के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच कोई युद्ध नहीं हुआ है. उनके मुताबिक पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार रखने का मकसद भारत के साथ तनावपूर्ण स्थिति को रोकना है.
उन्होंने कहा, "जिस क्षण कश्मीर मुद्दा सुलझ जाएगा, मुझे नहीं लगता कि दोनों देशों को परमाणु हथियारों की जरूरत होगी."
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