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उमेश के आखिरी ओवर पर बुमराह ने क्या कहा?
रविवार की शाम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विशाखापट्टनम में एक बेहद रोमांचक टी20 मुक़ाबला खेला गया.
दो मैचों की सिरीज़ के इस पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी गेंद पर विजयी रन बनाकर तीन विकेट से जीत अपनी झोली में डाली.
लेकिन अंतिम दो ओवरों में इस मैच ने इतनी बार अपना पाला बदला की स्टेडियम में बैठे तमाम दर्शक अंत तक अपनी कुर्सियों से चिपके रहे
आखिरी दो ओवरों की कहानी
विशाखापट्टनम की धीमी पिच पर भारत की ओर से मिले 127 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े आराम से जीत की तरफ बढ़ती जा रही थी.
अंतिम दो ओवरों में ऑस्ट्रेलिया को महज़ 16 रन चाहिए थे और उसके पांच बल्लेबाज़ बाकी थे.
मैच का 19वां ओवर डालने आए दुनिया के सबसे बेहतरीन टी20 गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह.
बुमराह ने अपने नाम के मुताबिक गेंदबाज़ी की और सटीक यॉर्कर डालकर कंगारू बल्लेबाज़ों में महज दो रन बनाने दिए. इसके साथ ही बुमराह ने इस ओवर में दो विकेट भी झटके.
19वां ओवर खत्म होने के बाद मैच भारत की तरफ आ चुका था. अब ऑस्ट्रेलिया को आखिरी ओवर में 14 रन बनाने थे और दो नए बल्लेबाज़ क्रीज़ पर मौजूद थे.
लेकिन अंतिम ओवर डालने आए उमेश यादव 14 रन बचा पाने में नाकामयाब रहे. उनके ओवर में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने दो चौके मारे और जीत हासिल की.
उमेश के इस ओवर के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट डाले गए. इन तमाम पोस्ट में उमेश यादव को ही हार का ज़िम्मेदार ठहराया गया.
उमेश पर बुमराह ने क्या कहा?
कई पोस्ट में लोगों ने लिखा कि जसप्रीत बुमराह की पूरी मेहनत को उमेश यादव ने खराब कर दिया.
ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि इस हार के बाद जसप्रीत बुमराह का क्या सोच रहे थे और उमेश यादव के उस आखिरी ओवर के बारे में उनका क्या सोचना था.
मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए बुमराह ने उमेश के आखिरी ओवर का ज़िक्र किया.
''इस तरह के करीबी मुक़ाबलों में आखिरी ओवर डालना कभी आसान नहीं होता, क्योंकि आपको मालूम नहीं होता की ओवर के बाद मैच में कौन जीतेगा और कौन हारेगा. हां, हम मैच जीतना चाहते थे, लेकिन आखिरी ओवर डालना किसी भी गेंदबाज़ के लिए आसान नहीं होता.''
इस मैच में बुमराह ने अपने चार ओवर में सिर्फ़ 16 रन दिए और तीन विकेट झटके.जबकि उमेश यादव ने चार ओवर में 35 रन खर्च किए और उन्हें एक भी सफलता हाथ नहीं लगी.
ऑस्ट्रेलियाई खेमे में क्या चल रहा था?
आखिरी ओवर के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की धड़कने भी ऊपर-नीचे हो रही थीं. इस दौरान डगआउट में बैठे जेम्स मैक्सवेल क्या सोच रहे थे, इस बारे में उन्होंने बताया.
''जब आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे तो मैंने फ़िंच से कहा कि हमारी टीम में ऐसा करने के लिए सबसे बेहतरीन खिलाड़ी पैट कमिंस ही है, उन्होंने कई बार इस तरह से जीत दिलाई है. ऐसे मौक़ों पर वो अपना दिमाग बहुत ही ठंडा रखते हैं.''
धोनी की धीमी बल्लेबाज़ी
इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी कुछ कमाल नहीं कर सकी. टीम में वापसी कर रहे के एल राहुल ने अर्धशतक ज़रूर जमाया लेकिन वह टीम को बड़े स्कोर तक नहीं ले जा सके.
वहीं पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टिककर बल्लेबाज़ी की लेकिन उनका स्ट्राइक रेट इतना धीमा रहा कि उस पर भी कई सवाल उठाए गए.
धोनी ने 37 गेंदों का सामना किया और 29 रन बनाए. इस पारी में उन्होंने सिर्फ़ एक छक्का लगाया जोकि भारतीय पारी के अंतिम ओवर में आया.
धोनी की बल्लेबाज़ी पर बुमराह ने कहा कि वे मैच को अंत तक ले जाने में विश्वास रखते हैं.
बुमराह ने कहा, ''मैच के जिस हालात में धोनी बैटिंग कर रहे थे वो आसान नहीं थी. गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी. धोनी पारी को संभालने की कोशिश कर रहे थे और वे हमेशा मैच को अंत तक ले जाने में विश्वास रखते हैं. हां, अगर टीम के स्कोर में 15-20 रन और होते तो मैच का नतीजा बदल सकता था.''
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टी20 मैच 27 फ़रवरी को खेला जाएगा. इसके बाद दोनों टीमें पांच मैचों की वनडे सिरीज़ खेलेगी.
विश्वकप से पहले भारत की यह अंतिम अंतरराष्ट्रीय सिरीज़ है.
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