फ़्लाईदुबई विमान हमला: उन 17 मिनटों में क्या-क्या हुआ?

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एक फ़्लाइट दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ी.
अपनी मंज़िल तेल अवीव की ओर बढ़ी.
फिर अचानक जिस ऊंचाई पर ये फ़्लाइट उड़ रही थी, महज़ कुछ सेकेंड्स में लगभग आधी ऊंचाई पर आ गई.
ये हुआ कैसे? चलिए आपको यही बताने की कोशिश करते हैं.
फ़्लाइट FZ1073 में एक पायलट ने दूसरे पायलट पर अचानक हमला कर दिया. जिस पायलट पर हमला हुआ, वो भारतीय नागरिक स्मित मच्छर हैं.
स्मित ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का गेट खोला और बाकी पैसेंजर्स, पोजिशनिंग पायलट की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया. या यूं कहिए कि इस कदम से 174 लोगों की जान बच पाई.
अब इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी कैप्टन स्मित की तारीफ़ कर रहे हैं.
पर इस पूरे घटनाक्रम में उन 17 मिनटों का ज़िक्र ज़रूरी है, जिसमें अहम चीज़ें घटीं.
टाइम लाइन

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फ़्लाइट FZ1073 दुबई से भारतीय समयानुसार क़रीब 8.30 बजे तेल अवीव के लिए उड़ी. फ़्लाइटरडार डेटा बताता है कि अगले दो घंटे फ़्लाइट सामान्य रूप से उड़ती दिखाई दी.
फिर अचानक भारतीय समयानुसार 10.51 AM बजे प्लेन तेज़ी से नीचे आने लगा.
सिर्फ़ 90 सेकेंड लगे और प्लेन 17 हज़ार फीट से नीचे आ गया. यानी प्लेन जिस ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसका करीब आधा.
फिर क़रीब 9 मिनट बाद. यानी 11 बजे के क़रीब.. फ़्लाइट से एक कोड अलर्ट भेजा जाता है. 7700 फ़्लाइट कोड.
इस कोड का मतलब है कि फ़्लाइट के दौरान कुछ इमरजेंसी है.

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इसके करीब 7 मिनट बाद. यानी 11.7 के क़रीब फ़्लाइट ट्रैफ़िक प्लेटफ़ॉर्म फ़्लाइट रडार 24 एक और नया कोड रिसीव करता है.
ये नया कोड था 7500. ये कोड बताता है कि फ़्लाइट में कुछ गैर क़ानूनी दखलंदाज़ी हुई है.
आमतौर पर इसका मतलब है कि हाईजैकिंग.
यही वो कोड है, जिसके कारण शुरू में भारतीय मीडिया में ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि प्लेन हाईजैक होने की आशंका है.
बीबीसी वेरिफ़ाई से एक एक्सपर्ट ने बताया है कि कोड 7500 , कोड 7700 का ये कॉम्बो और अचानक फ़्लाइट का नीचे आना. ये संकेत देता है कि एयरक्राफ्ट पर कंट्रोल करने की कोशिश की गई थी.
ये सारी घटना सुबह 10.51 से 11.7 बजे के बीच की है.
इस दौरान फ़्लाइट के अंदर जो हुआ, उसके बारे में चश्मदीदों ने जो बताया वो कुछ इस तरह से था-
एक पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला किया. घायल पायलट स्मित मच्छर ने बेहोश होने से पहले कॉकपिट का गेट खोल दिया.
पैसेंजर्स मदद के लिए आए और पोजिशनिंग पायलट ने फ़्लाइट को संभालने की कोशिश की.
पोजिशनिंग पायलट यानी, ऐसे पायलट जो किसी और एयरपोर्ट से फ़्लाइट उड़ाने के लिए हवाई यात्रा कर रहे होते हैं.
ये फ़्लाइट के अंदर की बात थी.
रडार से क्या पता चला

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अब बात ये कि इसके बाद बाहर क्या दिखा यानी रडार से क्या पता चला?
फ़्लाइट रडार डेटा को देखें तो पता चलेगा कि प्लेन ने फुल यू टर्न लिया और उस दिशा में बढ़ता दिखा. बाद में विमान सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर लैंड हुआ.
इसके बाद फ़्लाइटरडार 24 पर ट्रैकिंग डेटा दिखना बंद हुआ.
फ़्लाइट रडार में ये डेटा दिखा ताबुक एयरपोर्ट पर लैंड होने से ठीक पहले. यानी भारतीय समयानुसार क़रीब दोपहर 12.30.
फ्लाईदुबई का कहना है कि सारे पैसेंजर सुरक्षित हैं.
मगर पायलटों के बीच हुआ क्या था, इस बारे में पुख़्ता जानकारी जल्द मिलने की उम्मीद है.
पर यात्रियों का कहना है कि फ़्लाइट के दौरान पायलट पर किसी धारदार चीज़ से हमला किया गया था.
बीबीसी वैरिफ़ाई ने जिन फुटेज का विश्लेषण किया है, उसमें जो व्यक्ति खून से सने हुए फ्लोर में दिख रहा है, वो एक पायलट की यूनिफ़ॉर्म में हैं.
फ़िलहाल दोनों पायलटों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
मगर चर्चा हर तरफ कैप्टन स्मित मच्छर की हिम्मत की हो रही है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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