'दावत..' क़बूल करने के क़ाबिल

'दावत-ए-इश्क़'
    • Author, मयंक शेखर
    • पदनाम, फ़िल्म समीक्षक, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

फ़िल्म: दावत-ए-इश्क़

निर्देशक: हबीब फ़ैसल

कलाकार: आदित्य रॉय कपूर, परिणीति चोपड़ा

रेटिंग: ***

बदलते वक़्त के साथ कुछ ऐसी चीज़ें हैं, जो हिंदी सिनेमा में कम देखने को मिलती है.

जैसे 80 के दशक में आई 'निकाह' और 'उमराव जान' और 90 के दशक में आई 'सनम बेवफ़ा' जैसी मुस्लिम सोशल ड्रामा वाली फ़िल्में.

साथ ही आजकल की फ़िल्मों में निम्न मध्यमवर्गीय परिवार का प्रस्तुतिकरण भी लगभग ग़ायब सा हो गया है.

इस फ़िल्म की विषयवस्तु कुछ इसी तरह की है.

कहानी

'दावत-ए-इश्क़'

फ़िल्म है दो मुस्लिम परिवारों की कहानी.

इसकी ज़्यादातर शूटिंग लखनऊ और हैदराबाद में हुई और दोनों ही शहरों को ख़ूबसूरती से पेश किया गया है.

आदित्य रॉय कपूर लखनऊ में एक रेस्टोरेंट के मालिक हैं जिसमें वो ख़ुद ही पकाते हैं और ग्राहकों को ज़ायकेदार खाना परोसते हैं.

वह आकर्षक हैं, परोपकारी हैं और इतने सज्जन इंसान हैं, जैसा वास्तविक जीवन में मिलना थोड़ा मुश्किल होता है.

अगर 'आशिक़ी-2' से आदित्य रॉय कपूर की महिला प्रशंसक नहीं बन पाई होंगी, तो 'दावत-ए-इश्क़' यह काम कर देगी.

कमाल की परिणीति

'दावत-ए-इश्क़'

परिणीति चोपड़ा की तारीफ़ करनी होगी.

वह बिना सोचे-समझे गर्ल नेक्स्ट डोर वाले रोल इतनी आसानी से क़बूल कर लेती हैं जबकि ऐसे रोल में अनाकर्षक और नॉन ग्लैमरस लगने का ख़तरा रहता है .

परिणीति के पिता के रोल में अनुपम खेर हैं जो हाईकोर्ट में क्लर्क हैं. उन्होंने शानदार अभिनय किया है.

फ़िल्म निर्देशक 'अंडररेटेड' हबीब फ़ैसल हैं जो इससे पहले 'दो दूनी चार' और 'इशकज़ादे' जैसी फ़िल्में दे चुके हैं.

मैंने उन्हें 'अंडररेटेड' इसलिए कहा क्योंकि उनसे कम टैलेंटेड लोगों को बॉलीवुड में कहीं ज़्यादा ख्याति और नाम मिल जाता है.

मनोरंजक फ़िल्म

'दावत-ए-इश्क़'

फ़िल्म की थीम 'दहेज़' समस्या पर आधारित है. इसमें डांस और गाने जैसे महत्वपूर्ण मनोरंजन के अवयव मौजूद हैं.

फ़िल्म धारा 498-ए के दुरुपयोग पर बहस की शुरुआत भी करती हुई लगती है. इसमें दहेज़ की रिपोर्ट होते ही ग़ैर-ज़मानती वॉरंट जारी हो जाता है.

फ़िल्म समझदारी से बनाई गई है.

हाल के कुछ सालों में यशराज बैनर को काफ़ी विविधतापूर्ण फ़िल्म बनाने का श्रेय जाता है. इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं.

'दावत-ए-इश्क़' की दावत क़बूल करने के क़ाबिल है.

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