अमर-मुलायम में सिमटी दूरियां!

अमर सिंह, अखिलेश
    • Author, अतुल चंद्रा
    • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

एक ज़माने में अपनी दोस्ती के लिए मशहूर मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह चार साल बाद एक ही मंच पर दिखे.

अमर सिंह को साल 2010 में समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था.

लेकिन मगंलवार को लखनऊ में समाजवादी जनेश्वर मिश्र की याद बनाए गए एक पार्क के उद्घाटन दोनों मौजूद थे. इस मौजूदगी ने अमर सिंह के समाजवादी पार्टी में लौटने की अटकलें शुरु कर दी हैं.

लेकिन शायद अमर सिंह की वजह से सपा के कद्दावर मुसलमान नेता आज़म ख़ान इस समारोह से नदारद रहे. अमर सिंह-आज़म ख़ान के बीच खटास जगज़ाहिर है.

समारोह के बाद मुलायम सिंह यादव अमर सिंह को एयरपोर्ट तक छोड़ने गए और ख़बर है कि वहां दोनों की आधे घंटे तक बातचीत भी हुई.

आज़म, मुलायम, अखिलेश (फ़ाइल तस्वीर)

अमर सिंह ने पार्टी में वापसी पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन आज़म खान चुप नहीं रहे. उन्होंने कहा, "क्या पता, हम एक बार फिर पार्टी से निकाल दिए जाएँ."

बहरहाल, रिश्तों का टूटा पुल जोड़ने के लिए समाजवादियों की महफ़िल अमर सिंह ने ख़ुद को 'मुलायमवादी' तक कहा.

आज़म खान राज्य में वक़्फ़ बोर्ड के चुनाव स्थगित होने पर भी नाराज़ हैं.

आज़म और शिया धर्म गुरु कल्बे जव्वाद के बीच इस पर विवाद है.

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