आईएस पर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप

इस्लामिक स्टेट के लड़ाके, इराक़
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संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) और उसके सहयोगी हथियारबंद समूहों ने इराक़ में नौ हफ़्तों के दौरान लगातार मानवाधिकारों का 'व्यापक उल्लंघन' किया है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार छह जुलाई से 10 सितंबर के बीच किए गए इन मानवाधिकार हनन के मामलों को युद्ध अपराध या मानवता के विरुद्ध अपराध माना जा सकता है.

संयुक्त राष्ट्र ने इराक़ी सुरक्षा बलों और उनके सहयोगियों पर भी मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

500 साक्षात्कारों पर आधारित <link type="page"><caption> इस रिपोर्ट</caption><url href="http://www.ohchr.org/Documents/Countries/IQ/UNAMI_OHCHR_POC_Report_FINAL_6July_10September2014.pdf" platform="highweb"/></link> को इराक़ के लिए संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूनामी) और मानव अधिकार मामलों के संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त कार्यालय ने मिलकर तैयार किया है.

आईएस, आईएसआईएस, इराक़
इमेज कैप्शन, आईएस का इराक़ और सीरिया के बड़े इलाक़े में क़ब्ज़ा है.

रिपोर्ट के अनुसार आईएस और उसके सहयोगी हथियारबंद समूह 'व्यवस्थित और व्यापक तौर पर' मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ी सैन्य बल हवाई हमले और बमबारी कर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं.

बुधवार को यूनामी ने कहा था कि साल 2014 में इराक़ में अब तक कुल 9,347 लोग मारे गए हैं और 17,386 लोग घायल हुए हैं.

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