श्रीलंका में मुख्य न्यायाधीश बहाल

शिरानी बंडारनायके,मुख्य न्यायाधीश
प्रकाशित

श्रीलंका के नए राष्ट्रपति मैत्रिपाला श्रीसेना ने दो साल पहले महिंदा राजपक्षे की सरकार के दौरान पद से हटाई गई मुख्य न्यायाधीश को फिर से बहाल कर दिया है.

राष्ट्रपति दफ़्तर के एक सूत्र के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश शिरानी भंडारनायके को यह जानकारी दी गई कि उनको पद से हटाया जाना 'प्रक्रियात्मक भूल' थी.

कोलंबो स्थित सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर भंडारनायके ने कार्यभार संभाल लिया, जहां उनके समर्थकों ने उनका स्वागत फूल-मालाओं से किया.

शिरानी भंडारनायके को जनवरी, 2013 में तत्कालीन संसदीय समिति की अनुशंसा के आधार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पद से हटाया गया था.

वादा पूरा किया

इस समिति में शामिल अधिकांश सदस्य महिंदा राजपक्षे के समर्थक थे. भंडारनायके ने हमेशा अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था.

तब संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद ने इसे न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला बताया था.

श्रीलंका के नए राष्ट्रपति मैत्रिपाला श्रीसेना ने मुख्य न्यायाधीश की बहाली का वादा किया था और राष्ट्रपति बनने के बाद उसे पूरा भी किया है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>