दर्शकों को कितनी पसंद आएगी 'रागिनी-एमएमएस-2'?

'रागिनी एमएमएस-2'
    • Author, कोमल नाहटा
    • पदनाम, वरिष्ठ फ़िल्म समीक्षक
  • प्रकाशित

रेटिंग: ****

बालाजी मोशन पिक्चर्स और ऑल्ट एंटरटेनमेंट की 'रागिनी एमएमएस-2' एक हॉरर-सेक्स फ़िल्म है. ये साल 2011 में आई 'रागिनी एमएमएस' का सीक्वल है.

रॉक्स (प्रवीण डबास) रागिनी एमएमएस स्कैंडल पर फ़िल्म बनाना चाहता है. स्कैंडल कुछ ये था कि उदय और रागिनी एक सुनसान जगह पर स्थित महल में मौज मस्ती करने और एकांत में समय बिताने जाते हैं.

इस महल में भूतों का साया होता है और वो उदय को मार डालते हैं लेकिनी रागिनी किसी तरह से बच निकलती है.

रागिनी की मां की चेतावनी के बावजूद रॉक्स फ़िल्म की शूटिंग उसी महल में करने का फ़ैसला करता है जहां पर उदय और रागिनी के साथ ये हादसा होता है जिसमें उदय की जान चली जाती है. वो रागिनी का किरदार निभाने के लिए सनी (सनी लियोनी) को चुनता है.

शूटिंग के दौरान एक दफ़ा रॉक्स, सनी के साथ रात बिताने के लिए उसके कमरे में जाता है. उसे पता नहीं होता कि सनी के शरीर पर एक भूत का कब्ज़ा हो चुका है और वो रॉक्स को मार डालता है.

उसके बाद क्या होता है. क्या सनी, भूत के कब्ज़े से आज़ाद हो पाती है ? महल में मौजूद बाक़ी लोगों का क्या होता है? रागिनी पर क्या बीतती है? यही फ़िल्म की कहानी है.

कथा-पटकथा

'रागिनी एमएमएस-2'

सुहानी कंवर और तनवीर बुकवाला ने अपने स्क्रीनप्ले में बड़ी चतुराई से फ़िल्म में हॉरर, सेक्स और कॉमेडी का मिश्रण परोसा है. जिसकी वजह से दर्शक फ़िल्म से बंधे रहते हैं.

'रागिनी एमएमएस-2'
इमेज कैप्शन, फ़िल्म में सनी लियोनी ने जमकर अंग प्रदर्शन किया है.

सनी लियोनी के फ़िल्म में कई अंतरंग दृश्य हैं और उन्होंने खुलकर एक्सपोज़ किया है. इंटरवल से पहले के हिस्से में कुछ डरावने दृश्य हैं लेकिन इंटरवल के बाद कई ऐसे द्श्य हैं जो रोंगटे खड़े कर देते हैं.

लेकिन ये भी कहना होगा कि इस हिस्से में कई जगह फ़िल्म के ड्रामे में दोहराव साफ़ नज़र आता है.

खुलकर अंग प्रदर्शन

फ़िल्म के रोमांटिक और अंतरंग दृश्य बहुत ही सटीक तरीक़े से फ़िल्माए गए हैं जो दर्शकों को रोमांचित कर देंगे.

इशिता मित्रा के लिखे संवाद अच्छे हैं और युवा दर्शकों को बहुत पसंद आएंगे. लेकिन जिस तरह से सेंसर बोर्ड इस फ़िल्म को लेकर उदार रहा है वो बात काफ़ी हैरानी वाली है. फ़िल्म में ज़बरदस्त अंग प्रदर्शन है, अंतरंग दृश्य हैं और एक ख़ास आपत्तिजनक शब्द कई बार बोला गया है.

अभिनय

'बेबी डॉल' गाने में उनका डांस आम दर्शकों को बहुत लुभायेगा. वैसे भी ये गाना ख़ासा लोकप्रिय हो ही चुका है.

रॉक्स के रोल में प्रवीण डबास ने अच्छा काम किया है. सत्या के रोल में साहिल प्रेम ने भी बख़ूबी काम किया है. संध्या मृदुल ने ज़बरदस्त अभिनय किया है और बेहतरीन कॉमेडी की है. बाकी कलाकार भी ठीक रहे हैं.

निर्देशन

'रागिनी एमएमएस-2'

भूषण पटेल का निर्देशन शानदार रहा है. उन्होंने फ़िल्म पर अपनी पकड़ को एक मिनट के लिए भी ढीला नहीं होने दिया है.

फ़िल्म का संगीत भी इसका एक मज़बूत पक्ष है. 'बेबी डॉल' और 'वोदका' गाने तो ख़ासे मशहूर हो चुके हैं. फ़िल्म की एडिटिंग (तुषार शिवन) भी बड़ी चुस्त है.

कुल मिलाकर 'रागिनी एमएमएस-2' के बॉक्स ऑफ़िस पर चलने के अच्छे अवसर हैं. इसमें सभी दर्शक वर्ग को लुभाने का माद्दा है.

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