जापानी बंधकः कब, कहां और कैसे?

जापानी बंधक केंजी गोटो
प्रकाशित

जापान और अमरीका के खुफिया अधिकारी जापानी 'बंधक की हत्या' के वीडियो की जाँच में लगे हैं.

इस्लामिक स्टेट ने वीडियो जारी कर ये दावा किया है कि उसने दो जापानी बंधकों में से एक हारुना युकावा की हत्या कर दी है.

इधर प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बयान जारी कर कहा है कि इस्लामिक स्टेट की ओर से जारी बंधक की हत्या वाला वीडियो झूठा नहीं है.

उन्होंने राष्ट्रीय टीवी चैनल पर कहा कि हारुना युकावा की हत्या के बाद अब उनका सारा ध्यान दूसरे बंधक केंजी गोटो को रिहाई पर है.

जापान प्रधानमंत्री शिंजो आबे

आइए जानते हैं कि हारुना युकावा और केंजी गोटो के पहले जापानी नागरिक कब, कहां और कैसे बंधक बनाए गए हैं.

अप्रैल 2004

जापान की खबरों की वेबसाइट के मुताबिक में अप्रैल 2004 खुद को साराया अल-मुजाहिदीन कहने वाले हथियारबंद समूह ने इराक में स्वतंत्र रूप से काम करने वाले तीन जापानी नागरिकों को बंधक बनाया.

हथियारबंद समूह की मांग थी कि जापान अपनी उन टुकड़ियों को वापस बुलाए जो युद्ध से जूझ रहे इराक के पुनर्निमाण में मदद कर रहीं थीं.

बाद में उच्च स्तरीय बातचीत के बाद सात दिनों पर बंधकों को रिहा किया गया..

अक्टूबर 2004

साल 2004 के अक्टूबर की घटना है.

इस्लामिक स्टेट

चरमपंथी समूह ने इराक आए एक 24 साल के जापानी नागरिक को बंधक बना लिया और उसे जान से मारने की धमकी दी.

समूह ने जापानी बंधक का सिर काटते हुए वीडियो भी जारी किया.

बंधक बनाए गए जापानी नागरिक का नाम शोशी कोदा था. कोदा बाद में बगदाद में मृत पाए गए.

शोशी कोदा को इराक में मारा गया पहला जापानी नागरिक माना जाता है.

अक्टूबर 2007

साल 2007 के अक्टूबर में में ईरान के दक्षिण-पूर्वी इलाके में एक हथियारबंद समूह ने योकोहामा नेशनल यूनिवर्सिटी से सैर के लिए आए एक जापानी छात्र को अगवा कर लिया.

इस्लामिक स्टेट जापानी बंधक

हथियारबंद समूह ने इसके बदले अपने कुछ सदस्यों की रिहाई की मांग रखी.

योकोहामा नेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र को बाद में सल 2008 के जून में छोड़ा गया.

जनवरी 2013

जनवरी 2013 में चरमपंथियों ने अलजीरिया के प्राकृतिक गैस परिसर पर हमला किया और इस पर कब्जा कर लिया.

जापानी बंधक की मां
इमेज कैप्शन, जापानी बंधक पत्रकार केंजी गोटो की मां ने बेटे की रिहाई की अपील की.

चार दिनों तक प्राकृतिक गैस परिसर की सुविधाएं बाधित रहीं.

ये गतिरोध तब खत्म हुआ जब अल्जीरिया सेना ने बंधकों को छुड़ाने के लिए हस्तक्षेप किया.

इस कार्रवाई में 10 जापानी मारे गए थे.

<bold>(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक पन्ने</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>