फ़िल्म रिव्यू: टू स्टेट्स

टू स्टेट्स
    • Author, कोमल नाहटा
    • पदनाम, वरिष्ठ फ़िल्म समीक्षक
  • प्रकाशित

रेटिंग :***1/2

नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और धर्मा प्रोडक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड की फ़िल्म 'टू स्टेट्स' एक पंजाबी लड़के और एक तमिल लड़की की लव स्टोरी है.

क्रिश मल्होत्रा (अर्जुन कपूर) बने हैं पंजाबी लड़के और अनन्या स्वामीनाथन (आलिया भट्ट) बनीं हैं एक तमिल ब्राह्मण लड़की.

ये दोनों मिलते हैं अहमदाबाद के एक कॉलेज में जहाँ इन दोनों के बीच प्यार हो जाता है. उन्हें उन दिक़्क़तों का ज़रा सा भी इल्म नहीं होता जो उनके परिवारों के सामने आएगी जब उनकी शादी की बात की जाएगी.

क्रिश के पिता का किरदार निभाया है रोनित रॉय ने और उनकी मां बनीं हैं अमृता सिंह. अनन्या के पिता का किरदार निभाया है शिव सुब्रमण्यम ने और मां बनीं हैं रेवती.

कैसे मनाते है ये दोनों एक दूसरे के घरवालों को? यही फ़िल्म की कहानी है.

अभिनय

अर्जुन कपूर 'क्रिश' के किरदार में काफ़ी ढीले से नज़र आते हैं. उनके हाव भाव पूरी फ़िल्म में लगभग एक से ही लगते हैं.

टू स्टेट्स

पर वो दृश्य जो उन्होनें अपने पिता (रोनित रॉय) के साथ फ़िल्माए हैं उनमें वो काफ़ी अच्छे लगे हैं.

आलिया भट्ट ने अपनी बॉडी लैंग्वेज और चेहरे के हाव भाव का पूरा फ़ायदा उठाकर बहुत ही कमाल का अभिनय किया है.

वो बहुत ही चुलबुली और मासूम लगीं जो कि उस किरदार को और भी जीवंत बना देता है.

रोनित रॉय ने क्रिश के बाप का किरदार बहुत ही अच्छे तरीके से निभाया है. हालांकि उनके दृश्य बहुत ही कम हैं लेकिन वो दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ जाते हैं.

अमृता सिंह ने अपनी आंखों का इस्तेमाल करके बहुत ही कमाल का अभिनय किया है.

कविता मल्होत्रा के किरदार को उन्होंने बहुत ही बेहतरीन तरीक़े से निभाया है.

शिव सुब्रमण्यम ने अनन्या के पिता का किरदार काफ़ी सहज रूप से निभाया है और रेवती ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है.

इंटरवल से पहले ढीली, अच्छे गानों की कमी

टू स्टेट्स

इंटरवल से पहले का हिस्सा बहुत ही आम सा है लेकिन बाद में कहानी काफ़ी दिलचस्प हो जाती है.

फ़िल्म में गाने तो हैं पर ऐसे कोई गाना नहीं हैं जो कि सुपरहिट हो.

इस फ़िल्म से अपने डेब्यू कर रहे निर्देशक अभिषेक वर्मन ने परिवारों के बीच फ़िल्माए दृश्यों में काफ़ी परिपक्वता का परिचय दिया है.

युवा वर्ग वाले दृश्यों को वो और भी बेहतर बना सकते थे. संगीत में शंकर एहसान लॉय ने अच्छा संगीत दिया है पर बहुत अच्छा नहीं.

टू स्टेट्स
इमेज कैप्शन, 'टू स्टेट्स' में हैं अर्जुन कपूर और आलिया भट्ट.

'टू स्टेट्स' की पटकथा को लिखा है ख़ुद अभिषेक वर्मनने. यह काफ़ी मज़ेदार है. कहानी और भी रोमांचक हो जाती है जब दोनों परिवारों के बीच मतभेद खुल कर सामने आ जाते हैं.

इस कहानी से हर एक इंसान राब्ता रखेगा. इसी बात का भरपूर फ़ायदा उठाया निर्देशक अभिषेक वर्मन ने.

कुल मिलकर 'टू स्टेट्स' लोगों को काफ़ी अच्छी लगेगी. ये एक ऐसी फ़िल्म है जिससे हर वर्ग का इंसान ख़ासतौर पर युवा पीढ़ी अपने आपको काफ़ी जुड़ा हुआ महसूस करेगी.

इस फ़िल्म को अपनी लगभग 80 प्रतिशत लागत अपने राइट्स को बेचकर मिल ही जाएगी.

बॉक्स ऑफिस पर भी इसके लिए पैसा कमाना बहुत ही आसान काम है.

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