स्तन पर ये टैटू नहीं एक पैग़ाम है

    • Author, शॉन डेविस
    • पदनाम, ऑस्ट्रेलिया एडिटर, बीबीसी न्यूज़ ऑनलाइन, सिडनी
  • प्रकाशित

स्तन कैंसर से जूझ रही एलिसन हैब्बल को हमेशा ये डर सताता था कि कैंसर के इलाज का उनके शरीर पर कैसा असर होगा. वो कितना दर्द भरा और डरावना होगा.

सिडनी की रहने वाली एलिसन तब 36 साल की थीं जब उन्हें कैंसर हुआ था.

उन्हें पता था कि कीमोथेरेपी के बाद उनके बाल झड़ जाएंगे. सर्जरी के बाद उन्हें अपना निप्पल खोना पड़ेगा और स्तन पर दाग़ रह जाएंगे.

प्लास्टिक सर्जरी की मदद से फिर से निप्पल बनाने का आइडिया भी उन्हें पसंद नहीं आया था.

वो कहती हैं, "मैं जिस्म के किसी और हिस्से के मांस से बना नक़ली निप्पल नहीं चाहती थी. तो मुझे ख़्याल आया कि क्यों न मैं स्तन पर टैटू बनवाऊं."

एलिसन बताती हैं, "उन दिनों मैं बीमार थी. सारा दिन बिस्तर पर लेटे लेटे मैं इंटरनेट पर टैटू आर्टिस्ट की खोजती रहती."

काफ़ी मशक्कत के बाद उन्होंने न्यूज़ीलैंड की 24 साल की एक आर्टिस्ट मैक्काला रोज़ को ढूंढ़ निकाला.

रोज़ ने 13 घंटे की मेहनत कर उनके स्तन पर एक बोल्ड और रंगों से भरा ख़ूबसूरत टैटू बना डाला.

एलिसन टैटू देखकर काफ़ी ख़ुश थी. उन्होंने टैटू की तस्वीर इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक पर पोस्ट कर दी.

फिर क्या था टैटू सोशल मीडिया पर हिट हो गया. इसके बारे में वहां लोगों ने अच्छी-ख़ासी प्रतिक्रिया दी.

इंस्टाग्राम पर उनकी इस तस्वीर को अभी तक 23,000 से ज़्यादा लोगों ने पसंद किया है. उनकी इस तस्वीर को टैटू की तस्वीरें शेयर करने वाले इंस्टाग्राम एकाउंट्स ने भी ख़ूब शेयर किया.

जहां कई अच्छी प्रतिक्रिया हुई तो वहीं किसी ने यह भी पूछ लिया है कि एलिसन के निप्पल कहां हैं.

एलिसन कहती हैं, "चूंकि निप्पल नहीं है इसलिए मैं फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीर धड़ल्ले से पोस्ट कर सकती हूं और वे इसे सेंसर भी नहीं कर सकते. ये वाक़ई मज़ेदार बात है."

स्तन की सर्जरी के बाद टैटू बनवाने का चलन हाल के सालों में काफ़ी लोकप्रिय हुआ है.

हालांकि इस चलन में सभी उम्र की औरतें शामिल हैं लेकिन कम उम्र की औरतें इनमें ख़ास दिलचस्पी रखती हैं.

लेकिन एलिसन के टैटू के साथ कुछ ऐसा है जिसके कारण उनके टैटू को ज़्यादा लोग पसंद कर रहे हैं. और वो है टैटू के साथ उनकी हौसले भरी मुस्कान.

वो मानती हैं कि ऐसा टैटू और उनकी मुस्कुराती हुई तस्वीर के एक साथ होने के कारण है. क्योंकि अक्सर स्तन की तस्वीरों के साथ ये भावनाएं नहीं दिखाई देतीं.

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